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आजमगढ़ में अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट कॉलिंग रैकेट का पर्दाफाश: 500 मिनट तक लाइव रखते थे कॉल, क्रिप्टो में बंटता था कमीशन

रहस्यमयी कॉलिंग का जाल: आजमगढ़ में अंतरराष्ट्रीय काल फ्रॉड का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने साइबर सेल के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया। सरायमीर थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने शुक्रवार की देर रात संजरपुर क्षेत्र से टेलीकॉम राजस्व को करोड़ों का चूना लगाने वाले गिरोह के दो शातिर सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया।

तालाशी में मिला हथकंडों का जखीरा: पुलिस टीम ने जब संजरपुर बाजार से करीब 200 मीटर दूर पोखरे के पास घेराबंदी की, तो वहां मौजूद संदिग्धों में हड़कंप मच गया। दोनों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 16 मोबाइल फोन, डेल कंपनी का एक हाई-टेक लैपटॉप, तीन खुले एक्टिव सिम कार्ड और 4690 रुपये नकद बरामद किए गए।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान: पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों की पहचान निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर निवासी 41 वर्षीय मो. ताबिश और सरायमीर थाना क्षेत्र के खरेवां निवासी 28 वर्षीय सलीम अहमद के रूप में हुई है।

आजमगढ़ में अंतरराष्ट्रीय काल फ्रॉड का चौंकाने वाला खेल

क्रिप्टो में बंटता था अवैध कमीशन: सीओ क्राइम कौस्तुभ के अनुसार, यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय प्रीमियम नंबरों पर अवैध रूप से इंटरनेट कॉलिंग कराता था। इस टेलीकॉम बाईपास से जुटाए गए पूरे काले धन को बिना किसी बैंकिंग ट्रेस के तुरंत क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर आपस में बांट लिया जाता था।

500 मिनट तक चालू रखते थे लाइन: आजमगढ़ में अंतरराष्ट्रीय काल फ्रॉड को अंजाम देने वाले इन शातिरों ने बताया कि वे महाजनी टोला निवासी जीशान के साथ मिलकर काम करते थे। विभिन्न टोल-फ्री नंबरों को अवैध रूप से आपस में जोड़कर एक-एक कॉल को लगातार 500 मिनट तक सक्रिय रखा जाता था, जिससे भारी प्रति-मिनट राजस्व बनता था।

व्हाट्सएप और टेलीग्राम से रूटिंग: आजमगढ़ में अंतरराष्ट्रीय काल फ्रॉड के इस पूरे नेटवर्क को संभालने के लिए व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप्स का इस्तेमाल होता था। यहीं से इन दोनों को प्रीमियम नंबर और सुरक्षित कॉल रूटिंग लिंक मुहैया कराए जाते थे।

वेबसाइट आईडी और पासवर्ड बरामद: जब्त किए गए लैपटॉप और मोबाइलों की डिजिटल फोरेंसिक जांच में पुलिस को कई विदेशी वेबसाइट्स के गोपनीय लॉगिन आईडी और पासवर्ड मिले हैं। इन्हीं पोर्टल के माध्यम से कॉल बाईपास और अवैध रूटिंग की जाती थी।

जेल भेजे गए दोनों आरोपी: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मुख्य मास्टरमाइंड जीशान और गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। वहीं पकड़े गए दोनों आरोपियों को विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

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