दर्दभरी दास्तान का राज: Sheesha Ho Ya Dil Ho सुनते ही रोंगटे खड़े हो जाते हैं और आंखों के सामने दिल टूटने का वो गहरा दर्द तैरने लगता है जो दशकों बाद भी आज के दौर में बिल्कुल ताजा महसूस होता है।
सालों पुराना ब्रेकअप एंथम: बॉलीवुड सिनेमा में अनगिनत रोमांटिक गीत रचे गए हैं, मगर टूटे दिलों के दर्द को बयां करने वाले सदाबहार नगमों में Sheesha Ho Ya Dil Ho आज भी सबसे ऊपर गिना जाता है। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की मखमली आवाज ने इस गीत को एक अमर पहचान दी है।
Sheesha Ho Ya Dil Ho के पीछे आनंद बख्शी की कलम का जादू
शब्दों का अनोखा खेल: मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने इस दर्दभरे नगमे के हर अंतरे में भावनाओं की गहरी छाप छोड़ी है। उन्होंने ‘लुट’ और ‘लूट’ जैसे साधारण लगने वाले शब्दों का इतना चतुर इस्तेमाल किया कि हर सुनने वाले का दिल सिहर उठा।
मंच पर बिखरे जज्बात: साल 1980 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘आशा’ में जब रीना रॉय ने मंच पर आकर Sheesha Ho Ya Dil Ho को अपनी सजल आंखों से पेश किया, तो सिनेमाघरों में बैठा हर दर्शक भावुक हो गया था। इस दृश्य ने पर्दे पर गम और जुदाई की नई परिभाषा गढ़ी।
दिग्गजों की शानदार जुगलबंदी: इस कल्ट गीत को संगीत की जादुई दुनिया के बेताज बादशाह लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने अपने संगीत से सजाया था। फिल्म निर्माता-निर्देशक जे. ओम प्रकाश की यह फिल्म जीतेंद्र, रीना रॉय और रामेश्वरी के शानदार अभिनय से सजी एक बड़ी हिट साबित हुई।







