धड़कनें बढ़ा देने वाला इम्तिहान: UP PCS 2025 Interview के पांचवें दिन प्रयागराज स्थित उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के बंद कमरे में अभ्यर्थियों के सामने ऐसे सवाल आए जिन्होंने उनकी त्वरित निर्णय क्षमता को पूरी तरह झकझोर दिया। बाहर परिजन शगुन और दुआएं दे रहे थे, तो अंदर बोर्ड एक के बाद एक पेचीदा चक्रव्यूह रच रहा था।
महाभारत और नेतृत्व का द्वंद्व: बोर्ड ने एक अभ्यर्थी से सीधा सवाल दागा कि महाभारत युद्ध से पहले धृतराष्ट्र का विदुर से यह पूछना कि युद्ध होगा या नहीं, क्या एक कुशल नेता के रूप में उचित था? इसके बाद निर्णय लेते वक्त आलोचना के डर और असफलता के खौफ में से किसे चुनेंगे, इस पर गंभीर मंथन कराया गया।
नैतिकता बनाम कानून की कसौटी: अभ्यर्थियों से पूछा गया कि यदि वे सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर पहुंचे तो नैतिक जवाबदेही को प्राथमिकता देंगे या कानूनी जवाबदेही को। UP PCS 2025 Interview के इस दौर में बोर्ड केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि आंतरिक मूल्यों और दबाव झेलने के सामर्थ्य की गहराई नाप रहा था।
वैश्विक तनाव और कूटनीति: समसामयिक मामलों पर रुख करते हुए ईरान-इजरायल विवाद का भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर और दोनों देशों से होने वाले प्रमुख आयातों पर सवाल किए गए। साथ ही ब्रिक्स की भूमिका, एसआईआर की प्रासंगिकता और सीजेआई से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर भी अभ्यर्थियों की राय मांगी गई।
‘दृश्यम’ से रेडियस-उलना तक: सवालों का दायरा तब और दिलचस्प हो गया जब एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि फिल्म ‘दृश्यम’ की शुरुआत में मुख्य किरदार क्या खाता है। तुरंत बाद विज्ञान के तहत रेडियस-अल्ना हड्डियों और कंकाल से महिला-पुरुष की पहचान करने की विधि पूछकर चौंका दिया गया।
एक ट्रिलियन डॉलर की राह: UP PCS 2025 Interview में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने, औद्योगिक विकास को रफ्तार देने और ड्राई पोर्ट्स की स्थापना पर गहन चर्चा हुई। एक अभ्यर्थी से पूछा गया कि यदि वह किसी जिले का डीएम बने, तो उसकी औद्योगिक प्राथमिकताएं क्या होंगी।
खेल जगत और पदक तालिका: अंतिम चरण में एशियाई खेलों में भारत की स्थिति, अगले आयोजन स्थल, खेल नीति, भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान और कबड्डी मैचों की सटीक स्कोरलाइन तक पर सवाल पूछे गए। पूरे दिन का यह सत्र साबित कर गया कि आयोग केवल तथ्य नहीं, बल्कि सटीक प्रशासनिक नजरिया तलाश रहा है।






