सीक्रेट मिशन से उठी पर्दा: HAL Koraput Shakti Engine की नई उत्पादन लाइन ने भारतीय वायुसीमा की सुरक्षा को एक अभेद्य दीवार देने की दिशा में रहस्यमयी तेजी से कदम बढ़ा दिए हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ओडिशा स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के इस रणनीतिक डिवीजन में दूसरी उत्पादन लाइन का पर्दाफाश करते हुए 2000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी का मील का पत्थर स्थापित किया।
218 करोड़ का घातक चक्रव्यूह: करीब 218 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से तैयार यह हाई-टेक फैसिलिटी वर्ष 2028-29 तक अपनी पूरी विनाशकारी और सामरिक क्षमता से काम करना शुरू कर देगी। इसके चालू होते ही भारतीय सेना को प्रति वर्ष लगभग 100 अत्याधुनिक इंजनों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
स्वदेशी लड़ाकू विमानों की नई जान: HAL Koraput Shakti Engine अब भारतीय सेना के सबसे भरोसेमंद हथियारों जैसे एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर ध्रुव, लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड और भावी लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर को असीम ताकत देने के लिए तैयार खड़ा है। यह इंजन हर दुर्गम मोर्चे पर भारतीय पायलटों का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनेगा।
दुर्गम पहाड़ियों पर विजय की दास्तान: फ्रांस की सेफ्रान कंपनी के साथ मिलकर डिजाइन किया गया HAL Koraput Shakti Engine विशेष रूप से लद्दाख और सियाचिन जैसी अत्यधिक ऊंचाई और भीषण तापमान वाले इलाकों में दुश्मनों को धूल चटाने के लिए ढाला गया है। यह जटिल इंजीनियरिंग का ऐसा नमूना है जो विदेशी निर्भरता के ताबूत में आखिरी कील ठोकता है।
Subheading: HAL Koraput Shakti Engine से ‘अरावली’ तक का खतरनाक सफर
परमाणु स्तर की नई तैयारी: HAL और Safran के संयुक्त उपक्रम ने अब 3500 से 4000 shp क्षमता वाले अत्यंत शक्तिशाली ‘अरावली’ टर्बोशाफ्ट इंजन के विकास की गुप्त योजना पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह विशाल इंजन भविष्य के ‘इंडियन मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर’ और नेवी के ‘डेक-बेस्ड मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर’ को समंदर में अजेय बनाएगा।
पूरी तरह स्वदेशी HTSE-1200 का खौफ: इसके समानांतर, HAL का एयरो इंजन रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर 3.5 से 6.5 टन श्रेणी के हेलिकॉप्टरों के लिए शत-प्रतिशत स्वदेशी ‘HTSE-1200’ इंजन को तैयार करने में दिन-रात जुटा हुआ है। यह तकनीक भारत को उन चुनिंदा मुल्कों के क्लब में शामिल कर देगी जो अपने दम पर संपूर्ण एयरोस्पेस इंजन बनाते हैं।
सुखोई के लिए 335 करोड़ का दांव: 1964 से स्थापित इस कोरापुट यूनिट ने अब तक 9000 से अधिक लड़ाकू इंजनों का ओवरहॉल किया है, और अब Su-30MKI के AL-31FP इंजनों का सालाना उत्पादन 30 से बढ़ाकर 50 यूनिट करने का फैसला लिया गया है। 335 करोड़ के अतिरिक्त निवेश से यह संयंत्र भारत के हवाई पहरेदारों को कभी रुकने नहीं देगा।






