चुनावी संग्राम में अचानक आया नया मोड़: 8 lakh new voters ने देश के 20 राज्यों में मतदाता सूची में शामिल होने के लिए मात्र चार दिनों के भीतर Form-6 भरकर सबको चौंका दिया है। SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच चुनाव आयोग द्वारा शुरू किए गए इस कदम ने सबको हैरत में डाल दिया।
SIR विवाद के बीच 8 lakh new voters की एंट्री
अचानक उमड़ा नए युवाओं का सैलाब: 8 lakh new voters में से अधिकांश वे युवा हैं जिन्होंने हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी की है और पहली बार लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी हिस्सेदारी तय कर रहे हैं। पहले आवेदन न कर पाने या आयु सीमा पूरी न होने के कारण छूटे इन युवाओं के साथ-साथ क्या हटाए गए नाम भी शामिल हैं, यह रहस्य अभी बना हुआ है।
जमीन पर उतरी BLOs की विशाल फौज: 8 lakh new voters को जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने के इस मिशन में आयोग ने करीब पांच लाख बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को पूरे 20 राज्यों में तैनात कर दिया है। प्रत्येक अधिकारी को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे परिवारों तक अनिवार्य रूप से पहुंचने का सख्त लक्ष्य दिया गया है जिनके नाम हालिया समीक्षा में कटे थे।
13 करोड़ नामों पर सियासी तूफ़ान और असलियत: 8 lakh new voters के इस पंजीकरण अभियान के पीछे 13 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने के गंभीर आरोप हैं, जिसके बाद 1 अक्टूबर से यह विशेष अभियान शुरू किया गया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इनमें करीब 3 करोड़ मृत, 6 करोड़ स्थायी रूप से स्थानांतरित, 3 करोड़ अनुपस्थित और 1 करोड़ डुप्लीकेट प्रविष्टियां पाई गई थीं।






