दहशत का वह मंजर: Saudi attack MEA update के तहत सामने आई जानकारी ने हर किसी को सन्न कर दिया है, जहां विदेशी धरती पर भारतीय नागरिकों पर अचानक मौत का साया मंडरा उठा। 10 अक्टूबर को सऊदी अरब में अरामको मुख्यालय समेत अन्य नागरिक ठिकानों पर हुए भीषण हमलों ने पूरे क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी।
अस्पताल में जिंदगी की जंग: गंभीर रूप से घायल नागरिकों का हाल जानने के लिए जारी किए गए Saudi attack MEA update के अनुसार कुल 12 लोग चपेट में आए थे, जिनमें से एक नागरिक की मौत हो चुकी है। मृतक के परिजनों की इच्छा पर उनका अंतिम संस्कार रियाद में ही संपन्न कराया गया, जबकि बाकी घायलों का उपचार चल रहा है।
आईसीयू में चार जिंदगियां: सऊदी अरब में राहत और बचाव कार्य के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि 11 घायलों में से तीन को छुट्टी मिल चुकी है। वर्तमान में आठ लोगों का इलाज जारी है, जिनमें से बेहद नाजुक हालत के चलते चार भारतीय अब भी आईसीयू में वेंटिलेटर पर संघर्ष कर रहे हैं।
भारत का सख्त रुख: हमलों की कड़ी भर्त्सना करते हुए विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट संदेश दिया कि इस Saudi attack MEA update के बाद निर्दोष नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भारत ने सऊदी अरब की क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराया है।
उड़ानों पर मंडराया संकट: विमान सेवाओं पर भारी असर पड़ा है क्योंकि यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कई उड़ानें रद्द या लेट हो गई हैं। रियाद, मदीना और जेद्दा जाने वाली उड़ानों के प्रभावित होने के बाद मंत्रालय ने नागरिकों के लिए विशेष सतर्कता एडवाइजरी जारी कर दी है।






