सनसनीखेज घेराबंदी और गिरफ्तारी:
Panchkula Cyber Fraud Gang का पर्दाफाश करते हुए पंचकूला पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क की कमर तोड़ दी है। सेक्टर-20 की मार्केट में बैंक एटीएम के आसपास संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिलते ही साइबर क्राइम पुलिस हरकत में आ गई। टीम ने तुरंत मौके पर जाल बिछाया और दो शातिर ठगों को दबोच लिया।
आरोपियों की पहचान और नेटवर्क:
गिरफ्तार आरोपियों का खुलासा होते ही पुलिस भी दंग रह गई। पकड़े गए शातिरों में मनोज कुमार हिसार का और दूसरा आरोपी अनिल कुमार भिवानी का निवासी है। जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह केवल हरियाणा तक सीमित नहीं था, बल्कि राजधानी दिल्ली में भी सक्रिय था।
तलाशी में भारी जब्ती:
बरामदगी का चौंकाने वाला आंकड़ा सामने लाते हुए डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह ने विवरण साझा किया। तलाशी के दौरान मनोज के पास से विभिन्न बैंकों के 43 एटीएम कार्ड मिले, जबकि अनिल से 27 एटीएम कार्ड और 1 पीओएस मशीन जब्त हुई। कुल 70 एटीएम कार्ड और 2 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
ठगी का खौफनाक तरीका:
मासूम बुजुर्गों को बनाते थे शिकार और यह पूरा Panchkula Cyber Fraud Gang बेहद शातिराना अंदाज में काम करता था। आरोपी एटीएम कियोस्क पर पैसे निकालने आने वाले बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों की मदद के बहाने पिन देख लेते थे। फिर पलक झपकते ही असली कार्ड बदलकर मिलता-जुलता कार्ड थमा देते थे।
Panchkula Cyber Fraud Gang की जांच में बड़े खुलासे
पीओएस मशीन से निकासी का खेल:
मशीन से उड़ाते थे रकम और एटीएम बूथों में छूटे हुए कार्डों को उठाकर पीओएस मशीन के जरिए स्वाइप कर सीधे पैसे निकाल लेते थे। गिरोह संबंधित कार्डों का उपयोग कर दूसरे एटीएम बूथों से भी भारी नकदी उड़ाता था। पुलिस ने सारे कार्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कब्जे में ले लिए हैं।
नेटवर्क के बाकी साथियों की तलाश:
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने बताया कि रिमांड और पूछताछ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्यों, पीओएस मशीन उपलब्ध कराने वाले सिंडिकेट और कमीशन नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। हरियाणा और दिल्ली के उन सभी एटीएम की पहचान की जा रही है जहां वारदातें हुई थीं।






