Tejas Sudarshan ने चलती मेट्रो में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने कुछ ऐसा कर दिखाया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 11 अक्टूबर को चेन्नई मेट्रो यात्रा के दौरान उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित दो क्रांतिकारी विचार केवल 90 सेकंड में पेश किए।
90 सेकंड का ऐतिहासिक प्रेजेंटेशन: विन्सेन लैब्स (Winsen Labs) के युवा संस्थापक Tejas Sudarshan के पास पीएम मोदी को समझाने के लिए बेहद सीमित समय था। उन्होंने छात्रों के व्यावहारिक एआई अनुभव और नागरिक सेवाओं को सरल बनाने के लिए सीधे और सटीक सुझाव रखे।
कौन हैं तेजस पार्थसारथी सुदर्शन? उद्यमी का प्रेरणादायक सफर: Tejas Sudarshan एक इनोवेटिव आंत्रप्रेन्योर हैं, जिन्होंने एप्लाइड एआई आधारित स्टार्टअप विन्सेन लैब्स की नींव रखी। इससे पहले वे केपीएमजी इंडिया में कार्यरत थे और इवेंट-कम्युनिटी प्लेटफॉर्म फैनपिट की शुरुआत कर चुके थे।
17 चुनिंदा संस्थापकों में बनाई जगह: प्रधानमंत्री की चेन्नई यात्रा में उनसे संवाद के लिए चुने गए 17 स्टार्टअप संस्थापकों में Tejas Sudarshan शामिल थे। मेट्रो कोच के भीतर इन युवा उद्यमियों ने देश की जमीनी समस्याओं के तकनीकी समाधानों पर खुलकर चर्चा की।
2017 से शुरू हुआ डिजिटल विजन: स्कूल प्रतिनिधि चुनाव के दौरान गूगल क्लासरूम का सुझाव देने वाले Tejas Sudarshan का तकनीक से पुराना नाता रहा है। नौ साल के भीतर उसी सोच ने उन्हें प्रधानमंत्री के सामने वास्तविक दुनिया की समस्याओं पर चर्चा करने का मंच दिलाया।
पहला विचार – छात्रों के लिए व्यावहारिक एआई: उन्होंने सुझाव दिया कि सरकारी विभाग विश्वविद्यालयों से साझेदारी कर छात्रों को वास्तविक प्रशासनिक चुनौतियां हल करने के लिए सौंपें। इससे युवाओं को वास्तविक समस्याओं पर काम करने का अमूल्य व्यावहारिक अनुभव हासिल होगा।
दूसरा विचार – सिंगल एआई सर्विस डेस्क: नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर से बचाने के लिए उन्होंने एक केंद्रीकृत एआई हेल्पडेस्क का प्रस्ताव दिया। लोग केवल एक बार दस्तावेज अपलोड करेंगे, और स्मार्ट एआई एजेंट उस काम को संबंधित विभाग तक पहुंचाएगा।
नागरिक सेवाओं के भविष्य की झलक: हालांकि ये दोनों बिंदु अभी आधिकारिक नीति नहीं बल्कि नवाचार प्रस्ताव हैं, लेकिन तकनीक जगत में इनकी खूब सराहना हो रही है। इस मुलाकात ने साबित कर दिया कि भारतीय युवाओं की सोच देश की दिशा बदलने का माद्दा रखती है।






