मानसून ने पकड़ी रफ्तार जिसके बाद भीषण गर्मी और उमस से बेहाल उत्तर भारत के राज्यों में मौसम पूरी तरह पलटने वाला है। देश के दोनों छोरों पर अचानक नए मौसमी तंत्र सक्रिय हो गए हैं जिससे सूखी पड़ी नदियों और खेतों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जाग गई है।
उत्तर भारत को बड़ी राहत मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली नम हवाएं बहुत तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इसका सबसे सीधा असर अगले तीन से चार दिनों में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में दिखेगा।
मौसम तंत्र हुआ सक्रिय स्काईमेट के अनुसार पूर्वी बिहार के ऊपर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब खिसककर पूर्वी उत्तर प्रदेश में आ चुका है। जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ पहले से मौजूद है जो बारिश की तीव्रता को और बढ़ाएगा।
दिल्ली-यूपी में बारिश इन सभी मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से एक जुलाई से मानसूनी हवाएं रफ्तार पकड़ेंगी। माना जा रहा है कि तीन से चार जुलाई तक मानसून दिल्ली में पूरी तरह दस्तक दे देगा जिससे उमस भरी गर्मी खत्म होगी।
बारिश की भारी कमी धीमी चाल के कारण उत्तर और मध्य भारत में अब तक सामान्य से साठ प्रतिशत से अधिक बारिश की कमी दर्ज की गई है। अकेले उत्तर प्रदेश में वर्षा सामान्य से छप्पन प्रतिशत कम रही है जिससे खेती काफी प्रभावित हुई है।
अत्यधिक उमस का कारण दिल्ली-एनसीआर में तापमान इकतालीस डिग्री होने के बावजूद नमी के कारण लोगों को पचास से इक्यावन डिग्री जैसी गर्मी महसूस हो रही थी। शुष्क पश्चिमी हवाएं और समुद्री हवाएं आपस में टकरा रही थीं जिससे बादल तो बने पर बरस नहीं पाए।
पूर्वोत्तर में रेड अलर्ट एक तरफ जहां उत्तर भारत को राहत मिल रही है वहीं दूसरी तरफ मौसम विभाग ने पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर भारत में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है। बंगाल और सिक्किम में अगले दो-तीन दिनों तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।






