अलर्ट मोड पर सुरक्षा बल: बागेश्वर छात्रसंघ चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछा दी है। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शांति भंग करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। आगामी मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के लिए पूरे जिले को निगरानी के घेरे में ले लिया गया है।
लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस: बागेश्वर छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह नियमों का पालन अनिवार्य करते हुए एसपी ने सभी शाखा और थाना प्रभारियों की आपात वीडियो समीक्षा बैठक ली। उन्होंने दो टूक कहा कि सुरक्षा ड्यूटी में जरा सी भी शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं होगी। चुनाव आचार संहिता और छात्र राजनीति की शुचिता बनाए रखने के लिए कड़ी चेतावनी जारी हो चुकी है।
नशे के नेटवर्क पर प्रहार: बागेश्वर छात्रसंघ चुनाव के माहौल को बिगाड़ने से रोकने के लिए ड्रग्स और शराब तस्करों पर त्वरित एक्शन के निर्देश हैं। डायल 112 पर नशे या उपद्रव की सूचना आते ही पुलिस दल बिना देरी मौके पर पहुंचेगा। स्कूल-कॉलेजों और प्रमुख चौराहों पर कड़ी नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग शुरू कर दी गई है।
डिजिटल निगरानी और समयसीमा: बागेश्वर छात्रसंघ चुनाव के दौरान डिजिटल पुलिसिंग को हथियार बनाते हुए ई-बीट बुक प्रणाली और ऑनलाइन एफआईआर व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है। इसके अलावा लंबित मामलों को 60 से 90 दिन में निस्तारित करने और साइबर अपराधों पर साप्ताहिक नजर रखने के कड़े फरमान जारी किए गए हैं।






