खौफनाक वारदात का खुलासा
Faridabad COO Murder मामले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है, जब कुत्ते को टहलाने और पार्किंग विवाद में एक शीर्ष अधिकारी को गोलियों से भून दिया गया। मूलरूप से हिसार के रहने वाले और सिंगापुर की सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत परमजीत धनखड़ दो दिन पहले ही भारत लौटे थे।
पार्किंग और पालतू कुत्ते पर तकरार
सेक्टर-21सी स्थित मकान नंबर 641 में रहने वाले परमजीत और तीसरे फ्लोर के निवासी मोहन उर्फ मोनू शर्मा के बीच विवाद गहरा गया था। आरोप है कि मोनू का घरेलू सहायक अक्सर परमजीत की पार्किंग और लिफ्ट में कुत्ते को शौच कराता था। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी चल रही थी।
समझौते के बाद रची गई साजिश
Faridabad COO Murder से कुछ घंटे पहले शनिवार सुबह दोनों पक्ष पुलिस चौकी पहुंचे थे, जहां आपसी समझौता करा दिया गया था। इसके बावजूद रात करीब नौ बजे मोनू ने बातचीत के बहाने परमजीत को नीचे बेसमेंट पार्किंग में बुलाया। परमजीत अपने बेटे शौर्य के साथ नीचे पहुंचे।
दोनों हाथों से बरसाईं 16 गोलियां
बातचीत के दौरान आरोपी ने अचानक दो लाइसेंसी पिस्टल निकालकर अंधाधुंध 16 राउंड फायरिंग झोंक दी। नौ गोलियां लगने से परमजीत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटे शौर्य ने बाथरूम में छिपकर अपनी जान बचाई।
आरोपी गिरफ्तार और पुराना रिकॉर्ड
Faridabad COO Murder को अंजाम देने के बाद मोनू परिवार सहित फरार हो गया था, जिसे पुलिस ने घेराबंदी कर धर दबोचा। सूरजकुंड थाना पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी जीएसटी चोरी और मारपीट के मामलों में संलिप्त रहा है।





