बलोच कार्यकर्ता ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर शुरू की भूख हड़ताल
बलोच कार्यकर्ता ने 10 डाउनिंग स्ट्रीट के बाहर शुरू की भूख हड़ताल जिसके बाद पाकिस्तान सरकार की दमनकारी नीतियां एक बार फिर वैश्विक स्तर पर चर्चा में आ गई हैं। बलोच एक्टिविस्ट ओमर करीम ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के सरकारी आवास के सामने यह शांतिपूर्ण अनशन शुरू किया है। उन्होंने पाकिस्तान प्रशासन पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए बलोचिस्तान की गंभीर स्थिति पर दुनिया का ध्यान आकर्षित करने की अपील की है।
महरंग बलोच की सजा के खिलाफ प्रदर्शन
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ओमर करीम ने जानकारी दी कि यह भूख हड़ताल बलोच जनता के समर्थन में शुरू हुई है। इस कड़े कदम का मुख्य कारण हाल ही में बलोच कार्यकर्ता महरंग बलोच और सिबगतुल्लाह शाहजी को सुनाई गई उम्रकैद की सजा है। इसके अलावा बीबोव बलोच, बेबर्ग जेहरी और गुलजादी बलोच की लगातार की जा रही गिरफ्तारियों के खिलाफ भी यह आक्रोश जताया जा रहा है।
ब्रिटेन के विदेश कार्यालय के बाहर भी अनशन
ओमर करीम ने स्पष्ट किया है कि वे शुक्रवार शाम 6:30 बजे तक अपनी इस हड़ताल को जारी रखेंगे। इसके बाद वे अपना विरोध प्रदर्शन ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (FCDO), किंग चार्ल्स स्ट्रीट के बाहर स्थानांतरित करेंगे। उन्होंने ब्रिटिश संसद के सदस्यों, पत्रकारों, मानवाधिकार संगठनों और वैश्विक बलोच समुदाय से इस न्याय की लड़ाई में एकजुट होने का पुरजोर अनुरोध किया है।
पाकिस्तानी सेना के दमन पर गंभीर आरोप
बलोचिस्तान में लंबे समय से पाकिस्तानी सेना द्वारा स्थानीय लोगों को जबरन गायब करने और फर्जी हिरासत में रखने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। इस दमनकारी नीति के कारण वहां की आम जनता में सरकार और सैन्य संस्थाओं के प्रति गहरा अविश्वास और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। ओमर करीम का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चुप्पी के कारण ही पाकिस्तान में मानवाधिकारों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, जिसे अब नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।








