आंदोलन को बदनाम करने का षड्यंत्र: Pakistan Bid to Discredit POJK Protests की इस चौंकाने वाली खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तहलका मचा दिया है। गुलाम जम्मू-कश्मीर (POJK) में चल रहे विशाल सरकार विरोधी प्रदर्शनों को दबाने और बदनाम करने के लिए पाकिस्तानी हुक्मरानों द्वारा भारतीय मुद्रा का इस्तेमाल कर एक झूठा नैरेटिव गढ़ने की खौफनाक साजिश सामने आई है।
भीड़ में भेजा गया नकली पुलिसवाला: भारतीय मुद्रा बरामद होने का दावा: प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि रैली में एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया जो खुद को पुलिस अधिकारी बता रहा था। उसके पास से भारतीय करेंसी बरामद हुई, जिसे पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसे यह मुद्रा प्रदर्शन स्थल पर फेंकने के लिए दी गई थी ताकि आंदोलन को भारत समर्थित घोषित किया जा सके।
इस्लामाबाद सरकार को आखिरी अल्टीमेटम: 21 जुलाई तक टाला गया लॉन्ग मार्च: इस बीच, प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ अपने तेवर बेहद कड़े कर दिए हैं। कमेटी ने मुजफ्फराबाद की ओर होने वाले अपने ‘लॉन्ग मार्च’ को फिलहाल 21 जुलाई तक के लिए टालते हुए सरकार को मांगों को पूरा करने की अंतिम समय-सीमा दे दी है।
हिंसा फैलाने की फिराक में खुफिया एजेंसियां: शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखने का संकल्प: जेएएसी नेताओं ने साफ कर दिया है कि Pakistan Bid to Discredit POJK Protests की चालों के बावजूद उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। बिजली दरों में बेतहाशा बढ़ोतरी, प्रशासनिक नीतियों और महंगाई के खिलाफ खड़ा हुआ यह जनआंदोलन 22 जुलाई से और भी उग्र रूप धारण कर सकता है।






