अदालत का बड़ा रुख: Supreme Court Visa Passport Services को लेकर केंद्र सरकार को सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, जहां शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी। इस याचिका में अबू धाबी, कुवैत, सिंगापुर और कैनबरा में भारतीय मिशनों में कॉन्सुलर, पासपोर्ट और वीजा सेवाओं की आउटसोर्सिंग के लिए रद्द की गई टेंडर प्रक्रिया का मामला शामिल था।
सेवाओं में नहीं आएगी रुकावट: Supreme Court Visa Passport Services के इस महत्वपूर्ण फैसले में CJI सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने यह स्पष्ट किया कि नए टेंडर प्रोसेस के पूरा होने तक संबंधित दूतावासों में रोजाना के काम में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए। कोर्ट ने विदेश मंत्रालय और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को अस्थायी व्यवस्था करने की छूट दी है।
अंतरिम व्यवस्था की छूट: Supreme Court Visa Passport Services की सुचारू डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए शीर्ष अदालत ने कहा कि EIL और MEA ऐसे सफल L-1 बिडर्स या किसी अन्य उपयुक्त एजेंसी को शामिल कर सकते हैं जिनका प्रदर्शन संतोषजनक रहा हो। हालांकि यह व्यवस्था पूरी तरह से टेम्पररी होगी और नए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) प्रक्रिया के नतीजों पर निर्भर करेगी।






