पवित्र गंगा तट पर गूंजे वैदिक मंत्र: Tamanna Converts to Sanatan Dharma का यह रहस्यमयी और चर्चित मामला तब सामने आया जब शनिवार को हरिद्वार के पावन चंडीघाट स्थित ब्रह्मकुंड पर अचानक साधु-संतों की भारी भीड़ जुटने लगी। उत्तराखंड की रहने वाली युवती तमन्ना ने अपनी स्वेच्छा से इस्लाम धर्म का परित्याग कर सनातन धर्म को अंगीकार कर लिया।
वैदिक रीति-रिवाज से संपन्न हुआ संस्कार: मिला नया नाम और पहचान: Tamanna Converts to Sanatan Dharma के इस पूरे घरवापसी संस्कार को तीर्थ सेवा न्यास के अध्यक्ष तीर्थाचार्य संत राम विशाल दास महाराज के मार्गदर्शन एवं पंडित जितेंद्र ज्योति के आचार्यत्व में संपन्न कराया गया। धार्मिक विधि-विधान और शुद्धिकरण के पश्चात नव-दीक्षित युवती को नया नाम “नेहा” दिया गया।
प्रमुख संतों और संगठनों की रही मौजूदगी: पुष्पवर्षा कर किया गया स्वागत: Tamanna Converts to Sanatan Dharma के इस विशेष अवसर पर अखिल भारतीय संत आश्रम परिषद के संरक्षक बाबा हठयोगी महाराज, दिल्ली आर्य समाज के मुकेश शास्त्री, विश्व हिंदू परिषद के विभाग संगठन मंत्री अर्जुन और महंत ओमदास महाराज उपस्थित रहे। इस घरवापसी में हिंदू रक्षा दल के जिलाध्यक्ष विशाल चौहान का भी विशेष योगदान रहा।
Tamanna Converts to Sanatan Dharma के बाद साधु-संतों के बड़े बयान
पूर्वजों की परंपरा में लौटने का संदेश: बाबा हठयोगी का वक्तव्य: Tamanna Converts to Sanatan Dharma पर बात करते हुए बाबा हठयोगी ने कहा कि इतिहास के विभिन्न दौर में भय और अत्याचार के कारण लोगों ने मूल धर्म से दूरी बनाई थी। आज यदि कोई अपनी स्वतंत्र इच्छा से अपनी जड़ों की ओर लौटना चाहता है, तो उसका सम्मानपूर्वक स्वागत होना चाहिए।
सनातन धर्म का मानवीय संदेश: संतों ने दिया आशीर्वाद: Tamanna Converts to Sanatan Dharma को धार्मिक कर्तव्य बताते हुए संत राम विशाल दास महाराज और महंत ओमदास महाराज ने कहा कि सनातन धर्म कभी बलपूर्वक धर्मांतरण का समर्थन नहीं करता। सभी उपस्थित सनातन धर्मावलंबियों ने नए नाम ‘नेहा’ पर पुष्पवर्षा कर उसका परिवार में स्वागत किया।







