सड़कों पर उफना जनाक्रोश: Dehradun Protest Against Delhi Lathi Charge का यह मामला अब एक बड़े राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसने शासन-प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए हैं। देश की राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे बेकसूर युवाओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज की गूंज अब उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सड़कों पर साफ सुनाई दे रही है।
राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन: Dehradun Protest Against Delhi Lathi Charge के तहत मंगलवार को विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और छात्र संगठनों के एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से देश के राष्ट्रपति के नाम एक छह सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
Dehradun Protest Against Delhi Lathi Charge: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA को भंग करने की मांग
मंत्रालय पर तीखा हमला: इस उग्र प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई। इसके साथ ही विवादों में घिरी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत प्रभाव से भंग करके उसकी जगह एक पारदर्शी संवैधानिक निकाय के गठन की मांग बुलंद की गई।
बर्बरता की न्यायिक जांच: Dehradun Protest Against Delhi Lathi Charge के दौरान विभिन्न संगठनों ने मांग की कि दिल्ली में आंदोलनकारी युवाओं पर हुई पुलिसिया कार्रवाई की स्वतंत्र न्यायिक जांच करवाई जाए। साथ ही विवादित राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) को तुरंत वापस लेने का दबाव बनाया गया।
भविष्य की सुरक्षा की गुहार: प्रदर्शनकारियों ने सरकार से अपील की कि वह आंदोलनरत युवाओं से सीधा संवाद स्थापित करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि NEET समेत सभी राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के ठोस कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: Dehradun Protest Against Delhi Lathi Charge के इस बड़े प्रदर्शन में सीपीएम के सचिव अनंत आकाश, राष्ट्रीय उत्तराखंड पार्टी के बालेश बबानिया, उत्तराखंड आंदोलनकारी संयुक्त परिषद के सुरेश कुमार, यूकेडी के केंद्रीय महामंत्री लताफत हुसैन, सीटू अध्यक्ष एसएस नेगी, भीम आर्मी अध्यक्ष आजम खान, अधिवक्ता अनुराधा, दुर्गा ध्यानी और नितिन मलेठा सहित कई प्रमुख चेहरे शामिल रहे।
गांधी पार्क में सुराज सेवा दल का हल्लाबोल: Dehradun Protest Against Delhi Lathi Charge के समर्थन में और कथित पेपर लीक के खिलाफ सुराज सेवा दल ने भी गांधी पार्क में धरना दिया। प्रदेश महामंत्री देवेंद्र बिष्ट, सुमित अग्रवाल और हिमांशु धामी ने कहा कि लाठियों के दम पर युवाओं की आवाज को दबाना पूरी तरह से लोकतंत्र का हनन है।






