रैप संस्कृति पर खुला मोर्चा: Anup Jalota ने भारतीय संगीत जगत में बढ़ते अश्लील और विवादित रैप कल्चर को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है। नई दिल्ली में दिए एक विशेष साक्षात्कार में भजन सम्राट ने आज के दौर के रैपर्स की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया।
60 के दशक का सुनहरा दौर: Anup Jalota ने संगीत के सुनहरे इतिहास के पन्ने पलटते हुए याद दिलाया कि रैप कोई पश्चिमी देन नहीं, बल्कि भारत का बहुत पुराना स्टाइल है। उन्होंने बताया कि 60 के दशक में अशोक कुमार ने ‘रेल गाड़ी’ जैसे प्रसिद्ध गीत गाए थे, जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर सुनता था।
Anup Jalota ने आधुनिक रैप और गालियों के इस्तेमाल पर उठाए सवाल
कविता के स्वरूप से खिलवाड़: Anup Jalota ने खुलकर कहा कि रैप गायिकी असल में एक सुंदर कविता पाठ की तरह है, जैसे कवि सम्मेलनों में कविताएं प्रस्तुत की जाती हैं। लेकिन जब इस खूबसूरत विधा के अंदर खुलेआम भद्दी गालियां और आपत्तिजनक शब्द परोसे जाते हैं, तो संगीत की मर्यादा पूरी तरह तार-तार हो जाती है।
बादशाह और हनी सिंह पर निशाना: Anup Jalota के अनुसार, आज हनी सिंह और बादशाह जैसे गायकों के गीतों को लेकर बार-बार विवाद खड़े होते हैं और कई गानों पर प्रतिबंध तक लग चुका है। उन्होंने सीधे शब्दों में कहा कि नए दौर के कलाकारों ने अपनी गैर-जिम्मेदाराना शब्दावली से इस मधुर शैली को पूरी तरह गंदा कर दिया है।






