मैदान पर अचानक पसरा सन्नाटा: नितीश राणा जब दिल्ली प्रीमियर लीग 2026 के 31वें मुकाबले में बल्ला थामकर क्रीज पर उतरे, तो किसी को अंदाजा नहीं था कि एक तूफानी पारी के पीछे कितना गहरा दर्द छिपा हुआ है। वेस्ट दिल्ली लायंस की टीम जब 13 रन पर पहला विकेट गंवाकर गहरे संकट में थी, तब इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने मोर्चा संभाला।
आसमान की ओर देख नम हुईं आंखें: फिफ्टी ठोकते ही टूटा सब्र का बांध: जैसे ही नितीश राणा ने 33 गेंदों पर 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से अपना अर्धशतक (60 रन) पूरा किया, उन्होंने बल्ला उठाकर नम आंखों से आसमान की तरफ देखा। मां को खोने का असहनीय दर्द आंसुओं के रूप में बह निकला, जिसे देखकर मैदान पर मौजूद साथी खिलाड़ी और अंपायर उन्हें सांत्वना देने दौड़ पड़े।
नितीश राणा का दिवंगत मां को भावुक ट्रिब्यूट
बीमारी से जूझ रही थीं मां: गहरे सदमे में भी दिखाई पेशेवर निष्ठा: असल में नितीश राणा की माताजी पिछले काफी समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं और इसी महीने इलाज के दौरान उनका निधन हो गया था। व्यक्तिगत जीवन की इस सबसे बड़ी त्रासदी के बावजूद वे टीम के लिए मैदान में उतरे और अपनी यह जुझारू पारी अपनी स्वर्गीय मां को समर्पित की।
बेकार गई कप्तान की जुझारू पारी: साउथ दिल्ली ने दर्ज की एकतरफा जीत: मुकाबले में वेस्ट दिल्ली लायंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 169 रन बनाए, जिसमें नितीश राणा (60) और कप्तान आयुष डोसेजा (27) शीर्ष स्कोरर रहे। लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज ने सनत संगवान के नाबाद शतक (54 गेंदों पर 111 रन) के दम पर 15.2 ओवर में बिना कोई विकेट गंवाए मुकाबला जीत लिया।







