राहत के बीच बढ़ता तनाव: LPG eKYC Deadline Extended होने का ऐलान होते ही करोड़ों उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली, लेकिन जमीनी हकीकत गैस एजेंसियों के बाहर खड़े लोगों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम साबित नहीं हो रही है। केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने अंतिम तारीख 16 अगस्त से बढ़ाकर 23 अगस्त 2026 कर दी है।
सर्वर डाउन का खौफनाक मंजर: एजेंसियों पर पसरा सन्नाटा और गुस्सा: डीलरशिप के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं, लेकिन केंद्रीय सर्वर और मोबाइल ऐप्स के ठप पड़ जाने से प्रक्रिया पूरी तरह रुक गई है। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उपभोक्ता इस असमंजस में हैं कि उनका बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण हो भी पाएगा या नहीं।
तकनीकी खामियां और LPG eKYC Deadline Extended की हकीकत
15 अगस्त को चरम पर पहुंचा संकट: डीलरों के प्रवक्ता बिजन बिहारी बिस्वास के मुताबिक, 15 अगस्त को दोपहर 2:30 बजे तक सर्वर पूरी तरह क्रैश रहा। कर्मचारी काउंटरों पर बैठे रहे और उपभोक्ता जरूरी कागजात लिए खड़े रहे, मगर डिजिटल सिस्टम के जवाब देने से भारी बैकलॉग जमा हो गया।
सात दिनों की मोहलत भी नाकाफी: समय सीमा आगे बढ़ने के बावजूद तेल विपणन कंपनियों का डिजिटल बुनियादी ढांचा इस भारी ट्रैफिक का लोड नहीं संभाल पा रहा है। बेहाला के उपभोक्ता अविक दासगुप्ता ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कतार में आधा दिन बर्बाद होने के बाद भी उनका वेरिफिकेशन पूरा नहीं हो सका।
सब्सिडी और कनेक्शन पर लटकी तलवार: अगर उपभोक्ता बढ़ी हुई समय सीमा तक ई-केवाईसी नहीं कराते हैं, तो उन्हें घरेलू गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी से हाथ धोना पड़ सकता है। इसी डर से अब LPG eKYC Deadline Extended के दौरान रोजाना हजारों लोग एजेंसियों का रुख कर रहे हैं।
घर बैठे प्रमाणीकरण का आसान तरीका: भारी भीड़ से बचने के लिए उपभोक्ता ऑनलाइन माध्यम भी चुन सकते हैं, जिसमें आधार और पैन कार्ड अनिवार्य हैं। भारत गैस उपभोक्ता Hello BPCL ऐप, इंडेन ग्राहक IndianOil ONE ऐप और एचपी गैस धारक HP Pay ऐप के जरिए घर बैठे बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरी कर सकते हैं।







