सन्न कर देने वाला खुलासा: अभिषेक कुमार सिंह के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़ते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। पूर्वी चंपारण के सेमराहां गांव का यह युवक असम के सतगांव थाना क्षेत्र स्थित गांधीनगर से एसटीएफ के हत्थे चढ़ा। सुरक्षा एजेंसियों को जैसे ही भनक लगी, उन्होंने घेराबंदी कर इस संदिग्ध को दबोच लिया।
गुपचुप तरीके से भेजी जा रही थी जानकारी: असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने बेगूसराय के रितेश सिंह के साथ मिलकर किराए के मकान में रह रहे अभिषेक कुमार सिंह को रंगे हाथों पकड़ा है। दोनों पर आरोप है कि वे भारतीय रक्षा तंत्र से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गोपनीय सूचनाएं सीमा पार पहुंचा रहे थे। अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी भी इस देशविरोधी नेटवर्क की परतें उधेड़ रही है।
सेना की पृष्ठभूमि वाला परिवार: सैन्य सम्मान से जुड़े परिवार में जन्मे अभिषेक कुमार सिंह के पिता सुरेंद्र सिंह सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इतना ही नहीं, उसका बड़ा भाई विवेक सिंह भी भारतीय सेना में देश की सेवा कर चुका है। छोटा भाई आदित्य और पिता फिलहाल मुजफ्फरपुर के अहियापुर इलाके में निवास कर रहे हैं।
गांव से पूरी तरह टूट चुका था नाता: स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक जमीन विवाद के बाद से अभिषेक कुमार सिंह का पैतृक गांव आना-जाना लगभग खत्म हो गया था। पिता की मेरठ पोस्टिंग के दौरान उसके संदिग्ध संपर्कों की चर्चाएं अब सामने आ रही हैं। चचेरे भाई टुनटुन सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह पुलिस के पहुंचने पर ही उन्हें इस गिरफ्तारी का पता चला।






