रहस्यमयी धार्मिक अनुष्ठान की गूंज: Sandilwa Dussehra Mela का सन्नाटा 21 अक्टूबर को टूटने वाला है, जब लखीमपुर खीरी के संडिलवा में जय शिव दानी बाबा मंदिर परिसर आस्था के सबसे बड़े केंद्र में तब्दील हो जाएगा। मितौली ब्लॉक की इस पावन धरती पर तेरहवां दशहरा मेला महोत्सव और रुद्र महायज्ञ एक साथ शुरू होकर क्षेत्र में अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करेंगे।
Sandilwa Dussehra Mela का भव्य शुभारंभ और कलश यात्रा
पवित्र जल और महासंकल्प: Sandilwa Dussehra Mela का विधिवत आगाज़ 21 अक्टूबर को गणेश पूजन के बाद निकलने वाली विशाल कलश यात्रा के साथ होगा। मंदिर सेवा संस्थान संडिलवा के अध्यक्ष दिलीप सिंह तोमर के अनुसार, यह यात्रा मंदिर प्रांगण से प्रारंभ होकर रतहरी ग्राम स्थित कठिना नदी के तट पर पौराणिक बाबा कष्ट हरण धाम मितौली तक जाएगी।
रामकथा के अध्यायों का जीवंत मंचन: Sandilwa Dussehra Mela के मंच पर 22 अक्टूबर को नारद मोह लीला और 23 अक्टूबर को श्रीराम जन्म, मुनि आगमन व ताड़का वध का मंचन होगा। इसके उपरांत 24 अक्टूबर को पुष्प वाटिका, धनुष भंग, परशुराम-लक्ष्मण संवाद व श्रीराम विवाह और 25 अक्टूबर को दशरथ-कैकेयी संवाद, वनगमन, केवट संवाद व सीता हरण की मार्मिक लीलाएं दिखाई जाएंगी।
अधर्म के अंत और महाभंडारे का ऐलान: Sandilwa Dussehra Mela में 26 अक्टूबर को स्कूली बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘उड़ान हौसलों की’ होगी, जिसके बाद 27 अक्टूबर को लंका दहन व सेतु बंध रामेश्वरम स्थापना संपन्न होगी। अंतिम दिन 28 अक्टूबर को मेघनाद-रावण वध, विशाल रावण दहन और महाभंडारे के साथ समापन होगा, जिसमें ग्राम प्रधान दिलीप सिंह तोमर और मदन शुक्ल ने सभी से भागीदारी की अपील की है।






