आसमान में एक ऐतिहासिक पल: Air Chief Marshal AP Singh ने मंगलवार को दुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी के रनवे पर कदम रखा, जहां चार दशक पुराना एक अनूठा रहस्य और जज्बा दोबारा जिंदा होने वाला था। वर्दी में अपनी इस अंतिम उड़ान के साथ उन्होंने अपने करियर का सबसे भावुक अध्याय शुरू किया।
पहले गुरु और वही पुराना विमान: Air Chief Marshal AP Singh ने अपने पहले प्रशिक्षक विंग कमांडर वी.एस. कोचर (सेवानिवृत्त) के साथ HJT-16 किरण एमके-1 प्रशिक्षण विमान (टेल नंबर U-707) के कॉकपिट में 55 मिनट बिताए। यह वही विमान और वही गुरु थे, जिन्होंने ठीक 42 साल पहले उन्हें पहली बार गगन की ऊंचाइयों से परिचित कराया था।
चार दशक का सफर और पूरा हुआ चक्र: विंग कमांडर कोचर ने इस लम्हे को एक ऐतिहासिक पूर्ण चक्र बताया, जहां छात्र और शिक्षक का भावुक पुनर्मिलन हुआ। Air Chief Marshal AP Singh ने 28 जनवरी 1984 को अपनी पहली उड़ान भरी थी, और आज उसी किरण विमान से अपने सुनहरे सफर को विराम दिया।
विदाई बेला और वाटर कैनन सैल्यूट: अकादमी के आसमान में उस 55 मिनट की उड़ान ने दोनों योद्धाओं के अटूट रिश्ते पर हमेशा के लिए मुहर लगा दी। जब यह विमान जमीन पर लौटा, तो सम्मान के रूप में वाटर कैनन से भव्य सलामी दी गई।
नेतृत्व परिवर्तन की दहलीज पर वायुसेना: Air Chief Marshal AP Singh 31 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं। भारतीय वायुसेना की कमान अब उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के हाथों में सौंपी जाएगी, जो नए प्रमुख के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।






