चौंकाने वाला बड़ा फैसला: Ayushman Bharat Yojana अचानक एक ऐसा ऐतिहासिक मोड़ लेने जा रही है, जिसने लाखों गरीब परिवारों की तकदीर और स्वास्थ्य सुरक्षा के समीकरण को पूरी तरह बदल दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अब सभी राशन कार्ड धारकों को इस महात्वाकांक्षी स्वास्थ्य मिशन के दायरे में लाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।
सालाना 5 लाख तक मुफ्त इलाज: स्वास्थ्य का मजबूत सुरक्षा कवच बनते हुए यह नया प्रस्ताव लागू होते ही मुरादाबाद जिले के करीब 3.75 लाख नए परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का सीधा अधिकार दे देगा। जिला पूर्ति अधिकारी दीपक वाष्र्णेय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) की पात्रता सूची में जिले के कुल 5,47,803 राशन कार्ड धारक दर्ज हैं।
Ayushman Bharat Yojana के तहत बदलेंगे नियम
कार्ड धारकों का पूरा गणित: आंकड़ों के भीतर छिपा सच यह बताता है कि मुरादाबाद में 5,18,094 पात्र गृहस्थी और 29,709 अंत्योदय कार्ड धारक मौजूद हैं। अंत्योदय परिवारों को योजना का लाभ पहले से मिल रहा है, जबकि पात्र गृहस्थी श्रेणी के 1.43 लाख लोग ही अब तक विभिन्न नियमों के तहत कवर हो पाए थे।
पुराने लाभार्थियों का लेखा-जोखा: सिस्टम का पुराना दायरा सितंबर 2023 में 6 यूनिट वाले कार्ड धारकों (84 हजार), 60 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों (20 हजार) और मजदूरी कार्ड धारकों (40 हजार) तक सीमित था। अब Ayushman Bharat Yojana की नई व्यवस्था बाकी बचे लाखों परिवारों के लिए संजीवनी बनकर सामने आ रही है।
98 निजी अस्पतालों का नेटवर्क: इलाज के लिए खुले दरवाजे मुरादाबाद के 98 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल और ब्लॉक स्तर के सभी सीएचसी को इस नेटवर्क से पूरी तरह जोड़ते हैं। Ayushman Bharat Yojana के नियमों के मुताबिक अस्पताल में भर्ती होने पर मरीज को एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा।
डाटा लिंकिंग और ई-केवाईसी: कार्ड बनने की आसान राह राशन कार्ड डाटा को सीधे स्वास्थ्य मिशन पोर्टल से जोड़कर खोली जाएगी, जिसके बाद परिवार आसानी से अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। लाभार्थी सरकारी केंद्रों के चक्कर काटे बिना घर बैठे आयुष्मान ऐप डाउनलोड करके भी अपनी सत्यापन प्रक्रिया मिनटों में पूरी कर सकते हैं।





