दिल दहला देने वाला खौफनाक मंजर Bhopal Double Murder Case में रोंगटे खड़े कर देने वाले सच का खुलासा तब हुआ जब एक पूर्व पुलिसकर्मी ही अपनी पत्नी और साली का कातिल बन बैठा। भोपाल की विशेष अदालत ने पूर्व सहायक उपनिरीक्षक (ASI) योगेश मरावी को इस दोहरे हत्याकांड के जुर्म में दोहरे आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश सुचिता श्रीवास्तव की अदालत ने आरोपी को दोषी करार देते हुए प्रत्येक हत्या के लिए एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
दरवाजा बंद कर बरसाए अनगिनत वार वारदात 3 दिसंबर 2024 की सुबह करीब 10:30 से 11 बजे के बीच की है, जब ऐशबाग क्षेत्र में चीखों से सन्नाटा टूट गया। घर में काम करने वाली नौकरानी सेवंती के पहुंचते ही आरोपी 10 इंच का प्रतिबंधित चाकू लेकर भीतर घुसा और अंदर से कुंडी लगा ली। कुछ ही मिनटों में अंदर से बचाओ-बचाओ की गूंज सुनाई देने लगी, जिसके बाद परिजनों ने कमरे के फर्श पर खून से लथपथ दोनों महिलाओं के शव पाए।
Bhopal Double Murder Case में साक्ष्यों की अहम भूमिका
क्रूरता की सारी हदें पार Bhopal Double Murder Case की जांच में यह खौफनाक तथ्य सामने आया कि आरोपी ने अपनी पत्नी मेघा उइके पर 56 बार चाकू से बेरहमी से हमला किया था। वहीं उसकी साली विनीता पर भी करीब 12 बार जानलेवा प्रहार किए गए थे। पेट और शरीर के अन्य हिस्सों पर गहरे घाव देखकर मौके पर पहुंची पुलिस टीम भी स्तब्ध रह गई थी।
अदालत में पुख्ता सबूतों से सजा का ऐलान विशेष लोक अभियोजक सुधाविजय सिंह भदौरिया ने अदालत में दस्तावेजी साक्ष्य, फोरेंसिक रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और 10 इंच का प्रतिबंधित चाकू पेश किया। इसके अलावा आरोपी के पास से बरामद सुसाइड नोट और गवाहों के बयानों ने Bhopal Double Murder Case को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया। अदालत ने हत्या के साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 25 में भी दोषी पाते हुए तीन साल के सश्रम कारावास की अतिरिक्त सजा सुनाई।








