सनसनीखेज लूट का पर्दाफाश: Odisha Illegal Mining का एक चौंकाने वाला मामला सामने आते ही पूरे प्रशासन में हड़कंप मच गया है। पुरी के भक्त सालबेग पीठ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह सनसनीखेज आरोप लगाया गया कि भगवान श्रीजगन्नाथ के नाम दर्ज जमीन पर भू-माफिया बेखौफ होकर अवैध पत्थर खनन चला रहे हैं। वक्ताओं ने ओडिशा सरकार से इस पूरे रैकेट की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग रखी है।
करोड़ों के राजस्व की चोरी: श्रीमंदिर प्रशासन की जानकारी के बिना चल रही इस लूट से हर साल सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। खुर्दा जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में महाप्रभु के स्वामित्व वाली करीब 45 से 50 पत्थर खदानें स्थित हैं। इन खदानों से रोजाना सैकड़ों ट्रकों के जरिए पत्थर निकालकर भुवनेश्वर समेत आसपास के कई इलाकों में सप्लाई किए जा रहे हैं।
Odisha Illegal Mining: किन-किन इलाकों में फैला माफिया का जाल?
माफिया का सुरक्षित ठिकाना: वक्ताओं ने खुलासा किया कि खुर्दा जिले के मलीपड़ा, काइपदर, निजिगड़ तापंग, डंगरपड़ा, छत्रमा और झिंकिझारी इलाकों में यह काला कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। इन खदानों को श्रीमंदिर प्रशासन द्वारा कभी नीलाम ही नहीं किया गया, फिर भी यहां दिन-रात अवैध उत्खनन जारी है। शिकायतों के बावजूद स्थानीय अधिकारियों की चुप्पी पर गहरा रोष व्यक्त किया गया।
नीलामी और पास का फर्जीवाड़ा: संवाददाता सम्मेलन में खनन विभाग की संदिग्ध भूमिका पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। जब्त किए गए पत्थरों को नीलामी प्रक्रिया के जरिए दोबारा इन्हीं भू-माफियाओं के हवाले कर दिया जाता है। इसके बाद ट्रांजिट पास का दुरुपयोग कर हर महीने गिट्टी और पत्थरों की हजारों ट्रिप अवैध रूप से ढोई जाती हैं।
पुराने गिरोह की नई सक्रियता: वर्ष 2018 में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने यहां छापेमारी कर कई गाड़ियां जब्त की थीं और आरोपियों को जेल भेजा था। कुछ साल शांति रहने के बाद पिछले पांच वर्षों में यह अवैध धंधा फिर चरम पर पहुंच गया। इस खेल में मोहम्मद शेखावत उर्फ कालाखंडी और उसके सहयोगियों की संलिप्तता का आरोप लगाया गया है।
मुख्यमंत्री से सीधी गुहार: हरिशंकर मिश्र ने मुख्यमंत्री से मामले में फौरन व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि महाप्रभु की पवित्र धरोहर की सुरक्षा के लिए इस अवैध खनन को तुरंत रोका जाए और लिप्त माफियाओं व भ्रष्ट अधिकारियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई हो।






