सस्पेंस भरा पल: Sonia Gandhi surprise entry ने दिल्ली में आयोजित INDIA गठबंधन की अहम बैठक के शांतिपूर्ण माहौल में अचानक एक अप्रत्याशित खलबली मचा दी।
मंच पर अफरा-तफरी: देश भर के विपक्षी दलों के दिग्गज नेता केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रणनीति बनाने के लिए दिल्ली में एकत्र हुए थे। सबकुछ पूरी तरह से तय था, तभी कांग्रेस संसदीय दल की चेयरपर्सन के अचानक हॉल में पहुंचने से माहौल पूरी तरह बदल गया।
क्या थी Sonia Gandhi surprise entry के पीछे की वजह?
बिना तय योजना के आगमन: सूत्रों के मुताबिक, प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोनिया गांधी की मौजूदगी की पहले से कोई योजना या सूचना गठबंधन के आयोजकों को नहीं थी। आमतौर पर ऐसी बैठकों में सांसदों की संख्या और मौजूदा मुख्यमंत्रियों के अनुसार आगे की कतार की सीटें तय की जाती हैं।
नेमप्लेट तक नहीं थी मौजूद: अचानक हुए इस घटनाक्रम के कारण मंच पर उनके नाम की कोई नेमप्लेट या निर्धारित कुर्सी मौजूद नहीं थी। Sonia Gandhi surprise entry को देखते हुए टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले उनके बैठने के लिए तुरंत जगह तलाशने लगीं।
कुर्सियों की अदला-बदली: नेताओं ने उन्हें राहुल गांधी के बगल वाली सीट का इशारा किया, लेकिन उन्होंने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की कुर्सी पर बैठना चुना। इसी दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अपने ठीक बगल में एक नई सीट की तत्काल व्यवस्था करवाई।
मंच का नया ढांचा: इस फेरबदल के बाद सोनिया गांधी के बगल में ममता बनर्जी, फिर सुप्रिया सुले और सपा सांसद हरेंद्र मलिक बैठ गए। मंच के बीच में खरगे रहे, जिनकी एक तरफ राहुल गांधी, उमर अब्दुल्ला, एमए बेबी, दीपांकर भट्टाचार्य, तेजस्वी यादव और कपिल सिब्बल मौजूद थे।
खाली रह गई एक सीट: पहली पंक्ति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के लिए नेमप्लेट लगाई गई थी, लेकिन उनके न पहुंचने से वह सीट खाली रही। इस तरह बिना पूर्व निर्धारित योजना के हुई Sonia Gandhi surprise entry ने मंच के पूरे सियासी समीकरण को मिनटों में बदल कर रख दिया।






