हाथ मिलाने से शुरू हुआ सियासी संग्राम: Tilak Nagar Road Row की शुरुआत पश्चिमी दिल्ली में उस वक्त एक अप्रत्याशित मोड़ पर पहुंच गई, जब रविवार दोपहर सड़क निरीक्षण के दौरान दो बड़े राजनेताओं की मुलाकात अचानक मारपीट में बदल गई। रोहिणी के एक कार्यक्रम से लौटते समय मंत्री प्रवेश वर्मा तिलक नगर में सड़क का जायजा लेने रुके थे। उसी दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह वहां पहुंचे और दोनों ने शुरुआत में मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया।
हाथों से उखड़ी सड़क और भ्रष्टाचार का दावा: जरनैल सिंह ने सड़क की खराब गुणवत्ता की शिकायत दर्ज कराते हुए पहले के रिकॉर्डेड वीडियो दिखाए और सड़क निर्माण में भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विधायक ने दावा किया कि सड़क की मोटाई 70 मिमी होनी चाहिए थी, लेकिन मौके पर यह 20 मिमी भी नहीं मिली। मंत्री की चुनौती पर जरनैल सिंह ने घुटने टेककर ताजी डामर की परत हाथों से उखाड़ दी, जिससे कंकड़-पत्थर बाहर निकल आए।
लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान अचानक पड़ा थप्पड़: Tilak Nagar Road Row में तनाव तब चरम पर पहुंच गया, जब विधायक के सोशल मीडिया हैंडलर साहिब सिंह (22) पूरी घटना की लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे थे। साहिब का आरोप है कि मंत्री प्रवेश वर्मा ने अचानक उन्हें थप्पड़ जड़ दिया और लाइव बंद कराने के लिए मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित का कहना है कि बिना किसी उकसावे के उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की गई।
गाली-गलौज और कमीशनखोरी के पलटवार: मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि आप विधायक अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और सरकारी कार्य में बाधा खड़ी की। मंत्री के अनुसार, एक कार्यकर्ता ने उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया, जिसके चलते आक्रोश में प्रतिक्रिया हुई। इसके साथ ही उन्होंने विधायक पर सड़क निर्माण कार्य के बदले कमीशन मांगने का भी गंभीर आरोप लगाया।
थानों के चक्कर और पुलिसिया कार्रवाई: Tilak Nagar Road Row के इस ड्रामे के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं ने मंत्री के खिलाफ एफआईआर की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। सौरभ भारद्वाज सहित कई वरिष्ठ नेता थाने पहुंचे। दिल्ली पुलिस ने मंत्री के खिलाफ गैर-संज्ञेय रिपोर्ट (NCR) दर्ज की, जबकि विधायक जरनैल सिंह पर सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई।
केजरीवाल का हमला और पुराना इतिहास: आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी मंगलवार को तिलक नगर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण किया और भ्रष्टाचार को लेकर सीधे केंद्र पर निशाना साधा। उन्होंने मंत्री की गिरफ्तारी की मांग की। गौरतलब है कि प्रवेश वर्मा का विवादों से पुराना नाता रहा है; 2022 में यमुना घाट पर जल बोर्ड अधिकारी के साथ भी उनका विवाद सामने आया था।






