भारतीय महिला टीम का सेमीफाइनल दांव पर लगा हुआ है क्योंकि लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला यह मुकाबला अब पूरी तरह से करो या मरो का बन चुका है। खराब फील्डिंग और शीर्ष बल्लेबाजों की निरंतरता की कमी से जूझ रही भारतीय टीम के लिए आगे की राह बेहद कठिन नजर आ रही है।
कैच छोड़ने की बड़ी बीमारी भारतीय महिला क्रिकेट टीम मौजूदा टी-20 विश्व कप में कैच गिराने के मामले में न्यूजीलैंड के बाद दूसरे नंबर पर है। टूर्नामेंट में अब तक भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 10 बेहद महत्वपूर्ण कैच टपकाए हैं, जो ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारी पड़ सकते हैं।
समीकरणों का उलझा हुआ जाल ग्रुप-1 में छह अंकों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद भारत को अगर आगे बढ़ना है, तो उसे हर हाल में ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त देनी होगी। यदि भारतीय टीम यह मैच हार जाती है और दूसरे मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका की टीम बांग्लादेश को हरा देती है, तो भारत बाहर हो जाएगा।
नेट रनरेट का बड़ा अंतर ऑस्ट्रेलियाई टीम आठ अंकों के साथ पहले ही शीर्ष पर मजबूत है और उसका नेट रनरेट (+4.724) भारत के नेट रनरेट (+2.268) से दोगुने से भी अधिक है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया अगर यह मैच हार भी जाता है, तो भी वह ग्रुप में पहले स्थान पर ही बरकरार रहेगा।
स्टार खिलाड़ियों पर टिकी नजरें इस पूरे टूर्नामेंट में भारत के लिए बल्लेबाजी में स्मृति मंधाना ने सबसे ज्यादा 167 रन बनाए हैं, जबकि शेफाली वर्मा ने 145 रनों का योगदान दिया है। इन दोनों के अलावा कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज अब तक 100 रनों का आंकड़ा भी नहीं छू सका है।
गेंदबाजी में श्री चरणी का कमाल गेंदबाजी विभाग में श्री चरणी शानदार प्रदर्शन करते हुए 12 विकेटों के साथ पूरे टूर्नामेंट में सबसे आगे चल रही हैं। उनके बाद दीप्ति शर्मा ने छह विकेट चटकाए हैं, लेकिन टीम को सेमीफाइनल की बर्थ पक्की करने के लिए एक सामूहिक और अनुशासित गेंदबाजी प्रदर्शन की जरूरत होगी।






