🌐 Language / भाषा
  • हिन्दी (Hindi)
  • বাংলা (Bengali)
  • ਪੰਜਾਬੀ (Punjabi)
  • ગુજરાતી (Gujarati)
  • मराठी (Marathi)
  • தமிழ் (Tamil)
  • తెలుగు (Telugu)
  • ಕನ್ನಡ (Kannada)
  • മലയാളം (Malayalam)
  • ଓଡ଼ିଆ (Odia)
  • اردو (Urdu)
  • অસમীয়া (Assamese)

राम मंदिर चंदा विवाद में अरविंद केजरीवाल का सीधा वार, पीएम मोदी से पूछा- आखिर ताकतवर चोरों को क्यों बचा रही सरकार?

राम मंदिर चंदा विवाद में अरविंद केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए राजनीतिक गलियारों में एक नया भूचाल ला दिया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक ने केंद्र सरकार पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस पूरे मामले में केवल दिखावे की कार्रवाई की जा रही है। गोवा दौरे पर मौजूद केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश के शीर्ष नेतृत्व से कई तीखे और सीधे सवाल पूछे हैं।

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ हुआ खिलवाड़

आम आदमी पार्टी के प्रमुख ने साफ शब्दों में कहा कि देश भर के करोड़ों सनातनी भाई-बहनों ने अपनी गाढ़ी कमाई से भगवान राम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था। मगर इसके बाद भी मंदिर से जुड़े जमीन सौदों, निर्माण कार्यों में भारी कमीशनखोरी और चढ़ावे की चोरी जैसी खबरों ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने दावा किया कि करोड़ों रुपये के चढ़ावे के साथ-साथ सोने-चांदी के आभूषणों और कीमती वस्तुओं के गायब होने की बातें भी अब खुलकर सामने आ रही हैं।

केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज में चोरी की लाइव घटनाएं दर्ज होने के बावजूद भी इस मामले को दबाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। साल 2021 से ही मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीनों में भारी गड़बड़ियां देखने को मिली थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ जमीनों की खरीदारी बाजार की वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक रेट पर की गई है, जिससे सीधे तौर पर राम भक्तों के पवित्र चंदे का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हुआ है।

एसआईटी और गिरफ्तारियां महज एक औपचारिकता

इस पूरे मामले के प्रशासनिक ढांचे पर उंगली उठाते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन सीधे केंद्र सरकार की देखरेख में हुआ था। इसके साथ ही ट्रस्ट के सभी सदस्यों का चयन भी देश के शीर्ष स्तर से किया गया था। ऐसे में यह बात गले नहीं उतरती कि इतने बड़े पैमाने पर कथित वित्तीय अनियमितताएं हो गईं और सरकार को इसकी भनक तक नहीं लगी। अगर सरकार को इसकी पूरी जानकारी थी तो अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच दल (एसआईटी), दर्ज की गई एफआईआर और कुछ चुनिंदा लोगों की गिरफ्तारियां केवल जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसी औपचारिक कार्रवाई हैं। वास्तविक रूप से जिम्मेदार बड़े चेहरों तक जांच की आंच को पहुंचने ही नहीं दिया जा रहा है और केवल छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस पूरे महाघोटाले की एक पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सनातन समाज के सामने असली सच आ सके।

⚡ SHARE THIS POST

Related Posts

केतन हत्याकांड में सिया की ‘सीक्रेट चैट्स’ का खुलासा, कोडवर्ड्स और कॉम्बैट से रची गई डेथ की पूरी कहानी

केतन हत्याकांड में सिया की ‘सीक्रेट चैट्स’ के डिजिटल डेटा ने पुणे पुलिस के साथ-साथ कोर्ट को भी पूरी तरह से चौंका कर रख दिया है। रियल एस्टेट बिल्डर केतन…

Read more

आधार पर नया घमासान: क्या तय होगी उम्र की सीमा?

Aadhaar Card Age Limit Debate ने एक बार फिर देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर एक ताजा जनहित याचिका में यह मांग की…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *