Varanasi Elevated Corridors से होगा काशी का कायाकल्प
एक ऐतिहासिक फैसले से बदली किस्मत Varanasi Elevated Corridors का निर्माण शिव की नगरी काशी को हमेशा-हमेशा के लिए भीषण ट्रैफिक जाम के दुःस्वप्न से मुक्त करने जा रहा है। केंद्र सरकार के इस अप्रत्याशित फैसले से अब इस पौराणिक शहर की सड़कों का पूरा भूगोल बदलने वाला है।
कैबिनेट बैठक में लगी अंतिम मुहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी मंजूरी के तहत आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बुधवार 15 जुलाई 2026 को इस महापरियोजना को हरी झंडी दिखाई। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 25 हजार करोड़ से अधिक की लागत से कुल 89 किलोमीटर लंबे दो विशाल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।
गंगा नदी के किनारे बनेगा पहला मार्ग घंटों का सफर मिनटों में सिमटेगा क्योंकि गंगा नदी के किनारे बनने वाला पहला कॉरिडोर 46.039 किलोमीटर लंबा होगा, जिस पर 14,447 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और वाराणसी रिंग रोड को सीधे जोड़ते हुए यात्रा के समय को 60 मिनट से घटाकर मात्र 20 मिनट कर देगा।
वरुणा नदी के पास दौड़ेगी रफ्तार रिंग रोड और हवाई अड्डा होंगे कनेक्ट और इस डीकंजेशन प्लान के तहत दूसरा Varanasi Elevated Corridors वरुणा नदी के किनारे 43.218 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा। 10,998.32 करोड़ की लागत से बनने वाला यह मार्ग एनएच-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा के समय को सीधे आधा कर देगा।
चार वर्षों में पूरा होगा काम हाईवे और बंदरगाह तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए ये दोनों छह और चार लेन के मार्ग अगले चार साल में तैयार हो जाएंगे। इसके बन जाने से लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे, रामनगर बंदरगाह, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन और प्रमुख घाटों तक पर्यटकों की राह बेहद सुगम होगी।
पर्यटकों को मिलेगी बड़ी राहत करोड़ों श्रद्धालुओं का सफर होगा आसान क्योंकि काशी में हर साल औसतन 15 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री आते हैं। नए Varanasi Elevated Corridors के तैयार होने के बाद काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू और नमो घाट जाने वाले लोगों को ट्रैफिक में एक पल भी बर्बाद नहीं करना पड़ेगा।






