Sharda Sinha Taar Bijli गाने की खनकती आवाज ने जब साल 2012 में सिनेमाघरों में गूंजना शुरू किया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि बिहार का यह पारंपरिक लोकगीत आधुनिक भारतीय सिनेमा का एक ऐतिहासिक कल्ट क्लासिक ट्रैक बन जाएगा। अनुराग कश्यप की फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 2’ में शामिल इस गाने ने बॉलीवुड में देसी लोक संगीत की परिभाषा को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया।
परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम: इस गाने को बिहार की स्वर कोकिला मानी जाने वाली मशहूर लोक गायिका शारदा सिन्हा ने अपनी जादुई आवाज से सजाया था। फिल्म के संगीत निर्देशक स्नेहा खानवलकर ने बिहार के ग्रामीण इलाकों के इस पारंपरिक विवाह गीत को बहुत ही अनूठे और आधुनिक बीट्स के साथ मिक्स करके दर्शकों के सामने पेश किया था, जो तुरंत ही एक बड़ा सस्पेंस हिट साबित हुआ।
शादियों और पार्टियों की बनी पहली पसंद: फिल्म के एक बेहद महत्वपूर्ण मोड़ पर फिल्माया गया यह गीत केवल बड़े पर्दे तक ही सीमित नहीं रहा। आज भी उत्तर भारत, विशेषकर बिहार और झारखंड की शादियों, संगीत समारोहों और सांस्कृतिक उत्सवों में Sharda Sinha Taar Bijli गाने के बिना हर एक जश्न बिल्कुल अधूरा और फीका माना जाता है।
अदाकारों के अभिनय ने लगाया चार चांद: इस गाने के विजुअल्स की बात करें तो अभिनेत्री हुमा कुरैशी और नवाजुद्दीन सिद्दीकी के किरदारों के बीच की नोक-झोंक और ग्रामीण परिवेश के महिला संगीत के माहौल को बेहद प्रामाणिक तरीके से दिखाया गया था। गाने के बोल इतने सरल और गहरे हैं कि यह आज की युवा पीढ़ी को भी अपनी ओर खींचने में पूरी तरह कामयाब रहता है।
शारदा सिन्हा की विरासत का प्रतीक: संगीत समीक्षकों का मानना है कि Sharda Sinha Taar Bijli लोकगीत असल में इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि अगर क्षेत्रीय संगीत को उसकी मूल आत्मा के साथ सही मंच मिले, तो वह वैश्विक स्तर पर अपनी अमिट छाप छोड़ सकता है। यही वजह है कि रिलीज के सालों बाद भी इस गाने का क्रेज और लोकप्रियता कम होने का नाम नहीं ले रही है।






