सनसनीखेज टिप्पणी से सियासी हलचल
नितिन गडकरी का बयान सामने आते ही भारतीय राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया कि क्या केंद्रीय मंत्री सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने जा रहे हैं। नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उनके द्वारा दी गई टिप्पणी को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं।
सुर्खियों में नितिन गडकरी का बयान और सच्चाई
कार्यालय ने किया बड़ा खुलासा: मंगलवार को केंद्रीय मंत्री के कार्यालय ने आधिकारिक बयान जारी कर संन्यास की सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक जीवन में तीन दशक से अधिक समय बिताने वाले नेता की बात को संदर्भ से अलग पेश किया गया है।
ट्रस्ट के संदर्भ में कही गई थी बात: असल में नितिन गडकरी का बयान ‘लक्ष्मणराव मानकर ट्रस्ट’ के कामकाज और भविष्य के नेतृत्व को लेकर था। यह संस्था गडकरी द्वारा स्थापित की गई है, जो आदिवासी इलाकों में एकल विद्यालय चलाने का महत्वपूर्ण कार्य करती है।
युवा नेतृत्व को अवसर देने का आह्वान: रविवार को नागपुर के कार्यक्रम में उन्होंने कहा था कि अब वह पहले जितना काम नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए नई पीढ़ी को आगे आकर जिम्मेदारी संभालनी चाहिए। कार्यालय ने स्पष्ट किया कि नितिन गडकरी का बयान केवल सामाजिक ट्रस्ट की जिम्मेदारियों के हस्तांतरण से जुड़ा था, न कि चुनावी राजनीति से।






