कुदरत का भयानक मंजर: नेपाल बाढ़ के खौफनाक मंजर ने हर किसी को दहला कर रख दिया है, जहां अचानक आई जलप्रलय से अब तक 17 लोगों की जान जा चुकी है।
प्रधानमंत्री का सीधा संवाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस गंभीर त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए अपने समकक्ष बालेन शाह से सीधी बातचीत की है। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस कठिन घड़ी में देश अपने पड़ोसी मुल्क के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है।
राहत कार्यों में सहयोग का वादा: पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए मानवीय सहायता की पेशकश दोहराई है। नेपाल बाढ़ के दौरान राहत और बचाव दलों को संयुक्त रूप से काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं ताकि प्रभावितों तक तत्काल सहायता पहुंचे।
विदेशी पर्यटकों और भारतीयों की तलाश: नेपाल बाढ़ से प्रभावित रसुवा क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है, जहां 384 से अधिक लोग अचानक लापता हो गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक लापता लोगों में 291 विदेशी पर्यटक हैं, जिनमें 105 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
भारतीय दूतावास की आपातकालीन व्यवस्था: संकट की गंभीरता को देखते हुए काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित नागरिकों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर (+977 985 131 6807, +977 970 910 7500) सक्रिय कर दिए हैं। नेपाल बाढ़ के बढ़ते जलस्तर से सीमावर्ती भारतीय राज्यों और गंडक नदी से जुड़े तटीय क्षेत्रों में भी उच्च स्तरीय सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए गए हैं।






