UP Congress में बड़े संगठनात्मक फेरबदल की सुगबुगाहट ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी ने संगठन को पूरी तरह दुरुस्त करने का खाका खींच लिया है। केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने प्रदेश की 133 जिला और शहर इकाइयों के लिए अध्यक्ष पद के तीन-तीन दावेदारों की रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी है।
दिल्ली में महामंथन की शुरुआत: अब इन नामों पर राष्ट्रीय महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल और संगठन सृजन अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक शशिकांत सेंथिल चर्चा करेंगे। इस गहन समीक्षा के बाद UP Congress के 30 से 50 प्रतिशत तक मौजूदा जिला और शहर अध्यक्षों के बदले जाने की पूरी संभावना है।
UP Congress की नई सूची पर 2 सितंबर को लगेगी अंतिम मुहर
पुरानी नियुक्तियों पर उठे थे सवाल: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने 2025 में संगठन सृजन अभियान के तहत मार्च में नई सूची जारी की थी। राहुल गांधी ने खुद नए पदाधिकारियों से संवाद किया था, लेकिन कई जिलों से भारी आपत्तियां और शिकायतें आने के बाद पार्टी को नए सिरे से कवायद करनी पड़ी।
मैदान में उतरे केंद्रीय पर्यवेक्षक: जनवरी 2026 में पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए और पिछले महीने क्षेत्र आवंटित कर उन्हें यूपी भेजा गया। पर्यवेक्षकों ने 25 अगस्त से 75 जिलों और 58 शहर इकाइयों के पैनल की रिपोर्ट राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजना शुरू कर दिया था।
जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों पर जोर: 28 अगस्त से पर्यवेक्षकों और शीर्ष नेताओं के बीच चर्चा शुरू होगी जिसमें स्थानीय फीडबैक के आधार पर मजबूत नाम चुने जाएंगे। UP Congress की इस अंतिम सूची पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मुहर लगते ही 2 सितंबर तक घोषणा कर दी जाएगी।
राहुल गांधी के साथ जल्द होगी बैठक: मजबूत दावेदारों को पहले ही संकेत देकर दिल्ली पहुंचने के लिए कह दिया गया है। नई सूची जारी होने के तुरंत बाद 3 या 4 सितंबर को राहुल गांधी नवनियुक्त जिला व शहर अध्यक्षों के साथ बैठक कर सकते हैं।






