Piyush Goyal Japan Visit ने वैश्विक आर्थिक मंच पर एक ऐसा बड़ा मोड़ ला दिया है जिसने लाखों भारतीय युवाओं की तकदीर बदलने की पुख्ता पटकथा लिख दी है। ओसाका में चार दिवसीय यात्रा के समापन पर केंद्रीय वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस ऐतिहासिक समझौते के रहस्य पर से पर्दा उठाया।
3 लाख युवाओं को मिलेगा सीधा फायदा: जापानी कंपनियां जल्द ही भारत के तीन लाख होनहार युवाओं को कई प्रमुख और आधुनिक सेक्टर्स में उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने जा रही हैं।
जापान में नौकरी पाने का सुनहरा रास्ता: भारतीय युवाओं के टैलेंट की पहचान के लिए एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जहां इंटरव्यू और ट्रेनिंग के बाद सीधे जापान में रोजगार के अवसर मिलेंगे।
भाषा सीखने वाले युवाओं की चमकेगी किस्मत: इस महत्वपूर्ण Piyush Goyal Japan Visit के दौरान मंत्री ने साफ किया कि जापानी भाषा की समझ रखने वाले भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए शिपिंग, केमिकल और सेमीकंडक्टर सेक्टर में अपार संभावनाएं तैयार हो रही हैं।
Piyush Goyal Japan Visit से खुले वैश्विक निवेश के नए द्वार
रोबोटिक्स और सेमीकंडक्टर पर बड़ा दांव: ओसाका में बैठकों के दौरान जापानी रोबोटिक्स और स्पेशलिटी केमिकल कंपनियों ने भारत में बड़े पैमाने पर उत्पादन और निवेश के लिए साझेदार कंपनियों की पहचान कर ली है।
नियमों में ढील और नीतिगत सुधार: भारत सरकार ने हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए बीआईएस सर्टिफिकेशन नियमों में आवश्यक छूट और केवाईसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की प्रतिबद्धता जताई है।
38 देशों के विशाल बाजार तक पहुंच: वर्तमान Piyush Goyal Japan Visit के तहत यह स्पष्ट किया गया कि भारत में उत्पादन शुरू करने वाली कंपनियां 70 लाख करोड़ डॉलर के 38 देशों के मुक्त व्यापार बाजार में आसानी से निर्यात कर सकेंगी।
चीन का विकल्प नहीं, खुद की ताकत: पीयूष गोयल ने दृढ़ता से रेखांकित किया कि भारत केवल ‘चीन प्लस वन’ बनकर नहीं रहेगा, बल्कि अपने विशाल घरेलू बाजार और मजबूत विनिर्माण तंत्र के दम पर दुनिया का नेतृत्व करेगा।
विकास दर में दुनिया भर में अव्वल: चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारत की विकास दर वैश्विक स्तर पर सबसे तेज रहने का अनुमान है, जिसमें अगस्त के दौरान 15 प्रतिशत निर्यात वृद्धि का महत्वपूर्ण योगदान है।
स्टार्टअप्स को मिलेगी जापानी फंडिंग और तकनीक: इस अहम Piyush Goyal Japan Visit के माध्यम से भारतीय स्टार्टअप्स को जापानी तकनीकी सहयोग और वेंचर फंडिंग हासिल करने का सीधा रास्ता मिल गया है।






