रहस्यमयी कानूनी लड़ाई की शुरुआत: Govinda Shilpa Shetty Court Case ने 90 के दशक में उस वक्त तूल पकड़ा जब 1996 में रिलीज हुई फिल्म ‘छोटे सरकार’ के एक गाने ने पूरे देश में भारी कानूनी बखेड़ा खड़ा कर दिया था।
विवादित गाने पर आपत्ति: फिल्म के हिट डांस नंबर ‘एक चुम्मा तू मुझको उधार दे दे’ में उत्तर प्रदेश और बिहार राज्यों के नाम का इस्तेमाल करने तथा कथित अश्लील शब्दों को लेकर कड़ा विरोध शुरू हुआ था।
अदालत तक पहुंचा मामला: साल 1997 में पाकुड़ (झारखंड) की सीजेएम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई, जिसमें राज्यों के लोगों की अवमानना और अश्लीलता फैलाने का गंभीर आरोप लगाया गया।
23 साल तक खिंची कानूनी प्रक्रिया: इस याचिका के चलते Govinda Shilpa Shetty Court Case कई दशकों तक अदालती गलियारों में घसीटता रहा और दोनों सुपरस्टार्स के खिलाफ गैर-जमानती वारंट तक जारी हो गए थे।
हाईकोर्ट का निर्णायक मोड़: आखिरकार उच्च न्यायालय ने पाया कि गाना सेंसर बोर्ड द्वारा सिनेमैटोग्राफी एक्ट 1952 के तहत पास हुआ था, जिसमें मुख्य कलाकारों की कोई व्यक्तिगत गलती नहीं थी।
कलाकारों को मिली अंतिम राहत: लंबी कानूनी लड़ाई के बाद Govinda Shilpa Shetty Court Case में अदालत ने निचली कोर्ट के आदेश को खारिज कर गोविंदा और शिल्पा शेट्टी को पूरी तरह बरी कर दिया।







