लोनी में लटकते तार और झुके खंभे मौत बनकर सड़कों पर मंडरा रहे हैं और कभी भी कोई भीषण अनहोनी घट सकती है। गाजियाबाद के लोनी इलाके की गलियों में कदम रखते ही ऊपर झूलती मौत साफ दिखाई देती है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिजली विभाग केवल बकाया बिल वसूली में व्यस्त है, जबकि खस्ताहाल ढांचे की तरफ किसी का ध्यान नहीं है।
मौत का साया बनी इंद्रापुरी कॉलोनी: लोनी की इंद्रापुरी कॉलोनी में लगा एक खंभा सीधे मुख्य सड़क की ओर झुक चुका है, जिससे हर राहगीर सहमा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार बंदरों की जरा सी उछल-कूद भी इस कमजोर खंभे को गिराने के लिए काफी है। इसके चलते इलाके में हर रोज घंटों लोकल फॉल्ट और ब्लैकआउट का दर्द झेलना पड़ रहा है।
नियमों की अनदेखी और गहराता संकट: सरस्वती विहार में संगम विहार चौकी के पास लोनी में लटकते तार और झुके खंभे नियमों की अनदेखी की खौफनाक दास्तान बयां कर रहे हैं। निवासियों का कहना है कि खंभों के बीच तय मानकों से अधिक दूरी होने के कारण यह भारी दबाव में झुक गए हैं। बार-बार लिखित शिकायतें देने के बावजूद बिजली निगम के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।
मासूम बच्चों पर मंडराता खौफ: स्थानीय निवासी रजनीश कुमार ने चेताया कि पास में ही स्कूल और पुलिस चौकी होने की वजह से यहां बच्चों की लगातार आवाजाही रहती है। लोनी में लटकते तार और झुके खंभे अगर अचानक धराशायी होते हैं, तो जान-माल का भयानक नुकसान होना तय है। वहीं निवासी रविंद्र का कहना है कि विभाग की यह घोर लापरवाही कभी भी बड़ा मातम ला सकती है।
अधिकारियों का चौंकाने वाला रुख: लोनी विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने दावा किया कि यह गंभीर मामला अभी तक उनके संज्ञान में नहीं आया था। उन्होंने आश्वासन दिया है कि संबंधित एसडीओ को तुरंत मौके पर भेजकर निरीक्षण कराया जाएगा और समस्या का समाधान होगा। हालांकि, जब तक लोनी में लटकते तार और झुके खंभे दुरुस्त नहीं किए जाते, तब तक हर सांस पर खतरा बना हुआ है।






