रहस्यमयी खाली सीट की गूंज: देहरादून के सिल्वर सिटी मल्टीप्लेक्स में फिल्म ‘हनुमान अंश’ के हर एक शो के दौरान एक सीट को खाली रखा जा रहा है, जिस पर किसी भी दर्शक को बैठने की इजाजत नहीं है।
आस्था का सजीव संगम: दर्शकों के लिए यह खाली कुर्सी अब कोई आम सीट नहीं, बल्कि स्वयं बाबा महाराज की साक्षात मौजूदगी और अलौकिक श्रद्धा का जीवंत केंद्र बन चुकी है।
Neem Karoli Baba के प्रसंगों ने झकझोरा मन भावुक कर देने वाले दृश्य: बड़े पर्दे पर जैसे ही बाबा के जीवन, उनकी निस्वार्थ सेवा, भक्ति और करुणा से जुड़े प्रसंग उभरते हैं, पूरा ऑडिटोरियम एक दिव्य खामोशी में डूब जाता है।
नंगे पांव पहुंचे श्रद्धालु: कई भक्त थिएटर के भीतर नंगे पांव प्रवेश कर रहे हैं, तो वहीं सैकड़ों दर्शक शो की शुरुआत से अंत तक हाथ जोड़कर नतमस्तक बैठे रहते हैं।
आंखों में उमड़े श्रद्धा के आंसू: स्क्रीन पर Neem Karoli Baba के तपस्वी स्वरूप और हनुमान भक्ति के दृश्य आते ही दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं और पूरा माहौल भक्तिमय हो उठता है।
सिनेमाघर बना भक्ति धाम अलौकिक खिंचाव का अहसास: फिल्म की पटकथा केवल एक संत के जीवन का विवरण नहीं देती, बल्कि देखने वालों को अंदरूनी शांति और गहरा आध्यात्मिक अनुभव करा रही है।
समर्पण की अनोखी मिसाल: दर्शकों का कहना है कि हॉल में कदम रखते ही Neem Karoli Baba का यह दिव्य सम्मान हर इंसान को भक्ति और मानव कल्याण के संक






