खौफ का साया बनकर टूटा चक्रवात: चक्रवाती तूफान अर्णब का साया अब बस्ती जिले पर पूरी तरह गहराने लगा है, जिससे चारों तरफ अचानक बेचैनी फैल गई है। शुक्रवार तड़के से शुरू हुई रुक-रुककर बारिश और सर्द हवाओं ने पूरे माहौल को पल भर में बदल दिया। देखते ही देखते वातावरण में अजीब सी सिहरन और तीव्र ठंडक घुल गई है।
पारे में भारी गिरावट से बदला मिजाज: मौसम विभाग ने जिले में अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट का अनुमान जताया है। गुरुवार को जहां पारा 30.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज था, वहीं शुक्रवार सुबह 11 बजे यह गिरकर सीधा 22 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। इस अप्रत्याशित बदलाव से जनजीवन पूरी तरह ठिठक कर रह गया है।
चक्रवाती तूफान अर्णब की दहशत के बीच प्रशासन का सख्त एक्शन
बच्चों की सुरक्षा पर तत्काल फैसला: चक्रवाती तूफान अर्णब के अप्रत्याशित खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने एहतियाती कदम उठाते हुए शुक्रवार को नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का सख्त आदेश जारी कर दिया। खतरे को टालने के लिए पूरे तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
किसानों पर बरपा कुदरत का कहर: चक्रवाती तूफान अर्णब की बेमौसम बारिश ने अन्नदाताओं की कमर तोड़कर रख दी है। तेज अंधड़ और बारिश से खेतों में खड़ी खरीफ की मुख्य धान की फसलें जमीन पर बिछ गई हैं। कटाई के बाद सुखाने के लिए रखी गई धान की बालियां भी भीगकर बर्बादी की कगार पर पहुंच चुकी हैं।
अंकुरण और सड़न का बढ़ता खौफ: खेतों में पानी भरने से कटी फसल के सड़ने और बालियों में अंकुर फूटने का गंभीर खतरा पैदा हो चुका है। किसान सतीश मिश्रा, चंद्रप्रकाश यादव, धर्मेंद्र जायसवाल, मथुरालाल जायसवाल, देवीलाल मोदनवाल और दीपक ने बताया कि अगर बारिश ऐसे ही जारी रही तो भारी तबाही तय है।






