रहस्यमयी खींचतान के बीच खुला राज: Starlink Satcom Licensing India के इर्द-गिर्द जारी तनाव के बीच नई दिल्ली से आए आधिकारिक बयान ने पूरे टेक जगत में खलबली मचा दी है। सरकार ने साफ कर दिया है कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेक्टर में किसी भी एकाधिकार को जगह नहीं मिलेगी। अब अंतिम फैसला सीधे भारतीय उपभोक्ताओं के हाथों में होगा।
ग्राहक ही तय करेगा असली विजेता: केंद्र सरकार ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में स्पष्ट किया कि इस उभरते बाजार में ग्राहक ही सर्वोपरि है। उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता, मूल्य और विश्वसनीयता को परखकर खुद अपनी पसंदीदा कंपनी का चयन करेंगे। इस क्षेत्र में उतरने वाली हर वैध कंपनी के लिए भारत का द्वार पूरी तरह खुला है।
Starlink Satcom Licensing India: तीन कंपनियों के पास मौजूद है अनुमति
पारदर्शी प्रक्रिया पर लगी आधिकारिक मुहर: भारत में वर्तमान समय में जियो, वनवेब और एलन मस्क की स्टारलिंक के पास सैटकॉम लाइसेंस मौजूद हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार, Starlink Satcom Licensing India प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी गई थी। इस दौड़ में स्टारलिंक आवेदन करने और मंजूरी पाने वाली आखिरी कंपनी साबित हुई।
सुरक्षा मानकों पर कड़ा इम्तिहान: वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने से पहले सभी ऑपरेटरों के सामने सख्त सुरक्षा शर्तें रखी गई थीं। वनवेब ने सबसे पहले अपने दस्तावेज जमा किए, जिसके बाद जियो ने औपचारिकताएं पूरी कीं। वहीं एलन मस्क की स्टारलिंक सुरक्षा अनुपालन की शर्तें पूरी करने में सबसे अंत में रही।
रोलआउट से पहले अभी दो बाधाएं बाकी: देश में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड के बड़े पैमाने पर संचालन से पहले दो प्रमुख कदम पूरे होने शेष हैं। सरकार को स्पेक्ट्रम आवंटन की नीति और उसकी सटीक कीमत तय करनी है। इसके साथ ही Starlink Satcom Licensing India के तहत तय सुरक्षा मापदंडों का अंतिम सत्यापन पूरा होते ही सेवाएं शुरू होंगी।







