ऊर्जा क्रांति की दस्तक: E100 Flex Fuel Engines को लेकर केंद्र सरकार ने अब अपनी सबसे महत्वाकांक्षी रणनीति पर काम तेज कर दिया है, जिससे भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर हमेशा के लिए बदलने वाला है। पेट्रोल में 20 फीसदी इथेनॉल मिश्रण यानी E20 की शुरुआत के बाद अब गाड़ियां सीधे 100 प्रतिशत इथेनॉल पर रफ्तार भरेंगी। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब कच्चे तेल के आयात पर निर्भर नहीं रहेगा।
अन्नदाता से ऊर्जादाता तक: मध्य प्रदेश में आयोजित नई सार्वजनिक बस सेवा के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में यह बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश के किसान अब केवल अन्नदाता नहीं रहे, बल्कि ऊर्जादाता बनकर पेट्रोलियम आयात का ठोस विकल्प बन रहे हैं। इथेनॉल उत्पादन से मक्के के भाव 1,200 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़कर 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुके हैं, जो आत्मनिर्भरता की मिसाल है।
E100 Flex Fuel Engines से बदलेगी देश की अर्थव्यवस्था
इंजनों का नया दौर: E100 Flex Fuel Engines तकनीक को भारतीय सड़कों के अनुकूल बनाने के लिए ऑटोमोबाइल कंपनियां नए पावरट्रेन विकसित कर रही हैं। सुरक्षा और पर्यावरण दोनों को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही यह तकनीक देश में प्रदूषण स्तर को तेजी से कम करेगी। भारत वर्तमान में करीब 22 लाख करोड़ रुपये का पेट्रोलियम आयात करता है, जिसे घरेलू वैकल्पिक ईंधन से घटाने का लक्ष्य रखा गया है।
हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक का रोडमैप: E100 Flex Fuel Engines के साथ-साथ सरकार हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक ऊर्जा के विस्तार पर भी समानांतर काम कर रही है। गडकरी ने खुद की हाइड्रोजन कार ‘मिराई’ का उदाहरण देते हुए बताया कि जल्द ही देश के 10 रूटों पर हाइड्रोजन बसें उतारी जाएंगी। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पहले ही आ चुके हैं और सार्वजनिक परिवहन को डीजल के मुकाबले 30 फीसदी सस्ता व वातानुकूलित बनाने की दिशा में काम जारी है।






