रणनीतिक हलचल शुरू: Myanmar Border Security Pact की इस ताजा और बड़ी प्रगति ने पड़ोसी देशों के बीच सुरक्षा के समीकरणों को पूरी तरह से बदलकर रख दिया है।
जमीन का नहीं होगा गलत इस्तेमाल: म्यांमार सरकार ने भारत को एक बेहद मजबूत और लिखित आश्वासन दिया है कि वह अपनी संप्रभु जमीन का इस्तेमाल किसी भी सूरत में भारत की सुरक्षा के खिलाफ नहीं होने देगा।
खुफिया जानकारी होगी साझा: नई दिल्ली में हुई इस उच्च स्तरीय द्विपक्षीय सुरक्षा वार्ता के दौरान दोनों देश अपनी साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए रीयल-टाइम खुफिया जानकारी साझा करने पर पूरी तरह सहमत हो गए हैं।
Myanmar Border Security Pact और भारत की बड़ी जीत
ऑपरेशनल तालमेल पर मुहर: इस ऐतिहासिक Myanmar Border Security Pact के क्रियान्वयन के तहत अब दोनों देशों की सेनाएं सीमावर्ती क्षेत्रों में उग्रवादियों के खिलाफ परिचालन संबंधी समन्वय को और अधिक मजबूत करेंगी।
अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर होगी सर्जिकल स्ट्राइक: इस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पार पनपने वाले आतंकवाद, उग्रवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, हथियारों की अवैध तस्करी और खतरनाक साइबर अपराधों से कड़ाई से निपटने पर गहरी चर्चा की है।
गृह सचिव गोविंद मोहन ने संभाली कमान: भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुआई कर रहे देश के गृह सचिव गोविंद मोहन ने साफ शब्दों में इस बात पर जोर दिया कि नई दिल्ली की राष्ट्रीय नीतियों में म्यांमार एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
अहम नीतियों का मुख्य केंद्र: गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार भारत की ‘पड़ोसी पहले’, ‘एक्ट ईस्ट’ और सागर (SAGAR – सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक उन्नति) नीतियों की सफलता इस म्यांमार सीमा सुरक्षा पर ही निर्भर है।
मेगा प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार: सुरक्षा वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कालादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट परिवहन परियोजना और भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग को तेजी से पूरा करने की दिशा में मिलकर काम करने पर विचार-विमर्श किया।






