अचानक लिया गया बड़ा फैसला: NCW Expert Groups ART IVF Services का यह नया कदम देश में तेजी से बढ़ रहे आईवीएफ क्लिनिकों और सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत साबित हो सकता है। राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) द्वारा गठित एक विशेष समिति ने मंगलवार को एआरटी और आईवीएफ सेवाओं के नैतिक, कानूनी और चिकित्सा पहलुओं की गहराई से जांच करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
अध्यक्ष की अगुवाई में अहम बैठक: NCW Expert Groups ART IVF Services की इस रणनीति की नींव आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में रखी गई। इस पहली बैठक का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ आईवीएफ क्लिनिकों के नियमन और पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।
NCW Expert Groups ART IVF Services: तीन अलग-अलग विषयगत समूहों की जिम्मेदारी
नैतिक समूह रखेगा नजर: NCW Expert Groups ART IVF Services के अंतर्गत बना पहला ‘नैतिक समूह’ महिलाओं की सूचित सहमति, प्रजनन स्वायत्तता, गोपनीयता, दाता प्रबंधन, भ्रूण से जुड़े संवेदनशील मुद्दों और किसी भी प्रकार के वित्तीय या शारीरिक शोषण की रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करेगा।
कानूनी और नियामक समीक्षा: दूसरा ‘विधायती एवं नियामक समूह’ एआरटी और आईवीएफ सेवाओं को नियंत्रित करने वाले मौजूदा कानूनी ढांचे का मूल्यांकन करेगा। यह दल कानून के प्रवर्तन में आ रही खामियों को चिन्हित कर आवश्यक संस्थागत, कानूनी और नीतिगत सुधारों की सिफारिश करेगा।
चिकित्सा और सुरक्षा मानक: तीसरा ‘चिकित्सा एवं निवारक समूह’ क्लिनिकल प्रोटोकॉल, लैब प्रैक्टिस, मरीज की सुरक्षा, जैविक ट्रेसेबिलिटी और गुणवत्ता मानकों की जांच करेगा। यह समूह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सर्वोत्तम चिकित्सा पद्धतियों को लागू करने पर जोर देगा।
पारदर्शिता की ओर नया कदम: राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि एआरटी और आईवीएफ सेवाओं के विभिन्न तकनीकी और नैतिक आयामों की केंद्रित जांच सुनिश्चित करने के लिए ही इन विशिष्ट समूहों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी महिला के अधिकारों का हनन न हो।






