🌐 Language / भाषा
  • हिन्दी (Hindi)
  • বাংলা (Bengali)
  • ਪੰਜਾਬੀ (Punjabi)
  • ગુજરાતી (Gujarati)
  • मराठी (Marathi)
  • தமிழ் (Tamil)
  • తెలుగు (Telugu)
  • ಕನ್ನಡ (Kannada)
  • മലയാളം (Malayalam)
  • ଓଡ଼ିଆ (Odia)
  • اردو (Urdu)
  • অસમীয়া (Assamese)

Panchayat Reforms: ग्राम सभाओं की कमजोरी पर चिंता

ग्रामीण शासन में बड़े बदलाव का संकेत: Panchayat Reforms को लेकर संसद की एक प्रमुख समिति ने देश भर की पंचायती राज संस्थाओं की कार्यप्रणाली की व्यापक समीक्षा करने और एक नेक्स्ट-जनरेशन रोडमैप तैयार करने की सिफारिश की है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज से जुड़ी विभागीय संसदीय स्थायी समिति ने बुधवार को संसद में प्रस्तुत अपनी रिपोर्ट में यह महत्वपूर्ण सुझाव दिया है।

तीन दशकों के सफर की समीक्षा: संसदीय समिति का मानना है कि पिछले तीन दशकों में लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में पंचायती राज संस्थाएं मजबूत तो हुई हैं, लेकिन अब भी कई ढांचागत चुनौतियां बनी हुई हैं। समिति के अनुसार, अब केवल संस्थाओं का निर्माण करने के बजाय उनकी प्रभावशीलता, जवाबदेही और टिकाऊ विकास क्षमता को सशक्त करने पर ध्यान देना होगा।

औपचारिकता बनती ग्राम सभा बैठकें: संसद में पेश रिपोर्ट में समिति ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया है कि कई क्षेत्रों में ग्राम सभा की बैठकें अपनी मूल प्रासंगिकता खो रही हैं और मात्र औपचारिकता बनकर रह गई हैं। जनभागीदारी में आ रही यह कमी जमीनी लोकतंत्र को कमजोर कर सकती है, जो संविधान की मूल भावना के विपरीत है।

डिजिटल शासन और वित्तीय मजबूती: समिति ने सिफारिश की है कि Panchayati Raj Ministry को राज्यों के साथ मिलकर Panchayat Reforms का ऐसा नया ढांचा तैयार करना चाहिए जो वित्तीय स्थिरता, संस्थागत क्षमता निर्माण, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को प्राथमिकता दे।

ग्राम सभाओं के पुनर्जीवन का मास्टरप्लान: ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए समिति ने विशेष जागरूकता अभियान चलाने, डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ाने और महिलाओं व युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है। इसके साथ ही पंचायत समितियों और जिला परिषदों के जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।

डेटा-आधारित मूल्यांकन ढांचा जरूरी: रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सही निर्णय लेने और जवाबदेही तय करने के लिए ग्राम स्तर पर डेटा आधारित तंत्र लागू किया जाए। Panchayat Reforms के इस नए चरण से ही देश के ग्रामीण इलाकों में समावेशी और पारदर्शी विकास की नींव मजबूत की जा सकेगी।

⚡ SHARE THIS POST

Related Posts

Indian Ship Attacked Off Yemen: यमन तट के पास भारतीय मालवाहक जहाज पर भीषण हमला, लाल सागर में डूबा पोत, 13 भारतीयों समेत 14 नाविकों को सुरक्षित बचाया गया

लाल सागर में सनसनीखेज हमला: Indian Ship Attacked Off Yemen की खबर से वैश्विक समुद्री गलियारे में हड़कंप मच गया है, जब विस्फोटकों से भरी एक नौका ने लाल सागर…

Read more

DF17 Hypersonic Missile: चीन ने जारी किया अपनी सबसे घातक मिसाइल का नया वीडियो, दुनिया में मची खलबली

ताकत के प्रदर्शन से सनसनी: DF17 Hypersonic Missile का एक अभूतपूर्व वीडियो साझा कर चीन ने वैश्विक सामरिक संतुलन को चुनौती दे दी है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) की 99वीं…

Read more

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *