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PM Awas Yojana: AI सर्वे ने खोली पोल, कानपुर में ट्रैक्टर और कार मालिक भी मांग रहे थे पक्के मकान

चौंकाने वाला बड़ा खुलासा: PM Awas Yojana के कानपुर सर्वे में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की नजर पड़ते ही ऐसा खेल उजागर हुआ जिसने अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। जिन योजनाओं को बेघर और गरीब परिवारों के लिए शुरू किया गया था, उनके हक पर संपन्न और साधन संपन्न लोग खुलेआम डाका डालने की कोशिश कर रहे थे।

AI तकनीक का कड़ा पहरा: PM Awas Yojana के तहत कानपुर जिले में 16 हजार से अधिक पात्र लाभार्थियों को ग्रामीण आवास उपलब्ध कराने की तैयारी तेजी से चल रही थी। तभी जिला प्रशासन ने फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए डेटा और AI आधारित गहन जांच बैठा दी।

अपात्रों की भारी फेहरिस्त: PM Awas Yojana की इस डिजिटल जांच में जिले भर के करीब 1,500 से अधिक ऐसे आवेदक तुरंत चिह्नित कर लिए गए, जो आर्थिक रूप से पूरी तरह मजबूत हैं। इनमें कई आयकर दाता निकले तो दर्जनों लोगों के पास पहले से ट्रैक्टर और चार पहिया गाड़ियां मौजूद थीं।

PM Awas Yojana के नियमों पर बड़ा एक्शन

तत्काल बाहर हुए नाम: PM Awas Yojana के सख्त नियमों के मुताबिक कार मालिक, आयकर दाता और संपन्न परिवारों को किसी भी हाल में ग्रामीण आवास का लाभ नहीं मिल सकता। डीआरडीए के पीडी आलोक सिंह के मुताबिक, AI सर्वे ने इन सभी अपात्रों का ब्योरा निकालकर उनके नाम सूची से पूरी तरह बाहर कर दिए हैं।

पहला केस, मिट्टी की दीवार का ढोंग: कल्यानपुर ब्लॉक के धरमंगदपुर गांव की प्रेमवती के पास पहले से पक्का मकान था, फिर भी PM Awas Yojana का लाभ लेने के लिए मिट्टी की दीवार पर धन्नी रखकर कच्चा घर दर्शाया गया था। जांच में AI ने उनकी संपत्ति का सच पकड़कर योजना का गलत आवंटन रोक दिया।

दूसरा केस, दोबारा आवास की चाह: विकास खंड घाटमपुर के जाजपुर गांव की सुमन देवी ने आवास की अर्जी दी थी। डिजिटल सत्यापन में रिकॉर्ड सामने आया कि उनके पति संजय को साल 2020 में पहले ही सरकारी आवास मिल चुका था।

तीसरा केस, कार और ट्रैक्टर के मालिक: बिधनू ब्लॉक के सपई गांव की जयमति संयुक्त परिवार के साथ पक्के मकान में रह रही थीं। आधार सत्यापन से पोल खुली कि उनके पति के नाम पर पहले से ट्रैक्टर और चार पहिया वाहन पंजीकृत हैं।

चौथा केस, पांच लाख की केसीसी लिमिट: सरसौल ब्लॉक के ताजपुर की गुड्डन के मामले में आधार से लिंक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सीमा पांच लाख रुपये से अधिक पाई गई। आर्थिक संपन्नता प्रमाणित होते ही उन्हें तत्काल अपात्र घोषित कर दिया गया।

16,104 पात्रों की सूची तैयार: PM Awas Yojana के तहत अब भीतरगांव (4,387), बिल्हौर (1,925), चौबेपुर (699), घाटमपुर (3,540), ककवन (545), कल्याणपुर (501), पतारा (1,688), सरसौल (1,038), शिवराजपुर (621) और बिधनू (1,160) सहित कुल 16,104 वास्तविक जरूरतमंदों को आवास सौंपे जाएंगे।

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