Rahul Gandhi protest Dehradun की सड़कों पर तब शुरू हुआ, जब हाथीबड़कला में भाजपा कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन कर माहौल गरमा दिया। शनिवार को हुए इस घटनाक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के नेतृत्व में कांग्रेस नेता का पुतला दहन किया गया।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर गंभीर सवाल:
सेना और सुरक्षा पर गैर-जिम्मेदाराना रुख: मंत्री गणेश जोशी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर लगातार गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपना रहा है। भारत में हर फैसला संविधान और तय नियमों के दायरे में रहकर लिया जाता है।
संवेदनशील नीतिगत फैसलों का सच:
राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश: उन्होंने स्पष्ट किया कि स्पेक्ट्रम आवंटन जैसे महत्वपूर्ण मामलों में निर्णय हमेशा पारदर्शी प्रक्रिया और देशहित को ध्यान में रखकर होने चाहिए। ऐसे राष्ट्रीय मामलों पर किसी भी तरह का अनुचित राजनीतिक दबाव बनाना देश के लिए घातक है।
विपक्ष के दोहरे रवैये पर तीखा प्रहार:
कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर: मंत्री ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस नेता स्टारलिंक को सुरक्षा के लिए खतरा बताते हैं और दूसरी तरफ सरकारी नीतियों पर बेबुनियाद सवाल खड़े करते हैं। यह दोहरा रवैया जनता के सामने पूरी तरह उजागर हो चुका है।
संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की मांग:
विपक्ष को संयम बरतने की कड़ी चेतावनी: Rahul Gandhi protest Dehradun के दौरान कैबिनेट मंत्री ने विपक्ष को सेना के सम्मान और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा का ख्याल रखने की सख्त हिदायत दी। इस प्रदर्शन में कर्नल रघुबीर सिंह भंडारी, शमशेर सिंह बिष्ट, प्रदीप रावत और राजीव गुरुंग भी शामिल रहे।






