अलर्ट मोड में खाकी: विक्रमशिला सेतु बंद होते ही भागलपुर से लेकर नवगछिया तक गंगा के घाटों पर अचानक सन्नाटा नहीं, बल्कि पुलिस की भारी बूटों की गूंज और गहरा रहस्यमयी तनाव फैल गया। बेली ब्रिज से गाड़ियों का आवागमन ठप होते ही प्रशासन को मुसाफिरों की सुरक्षा में बड़ी अनहोनी की आशंका सताने लगी। तुरंत वैकल्पिक फेरी (जहाज) सेवा के रास्तों पर मोर्चाबंदी शुरू कर दी गई।
एसएसपी का कड़ा चक्रव्यूह: भागलपुर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने गंगा किनारे उमड़ती भीड़ और सुनसान एप्रोच पथों पर घात लगाए बैठे अपराधियों के मंसूबों को भांपते हुए विशेष रणनीति बना ली है। नियमित पुलिस बल के अतिरिक्त थानों की विशेष मोबाइल टीमों को चौबीसों घंटे गश्त पर रहने का आदेश दिया गया है। बरारी से तिलकामांझी तक बरारी थाना पुलिस हर संदिग्ध हलचल पर सीधे निगाह रख रही है।
अंधेरे और सन्नाटे का खतरा: बियाडा से जीरोमाइल मार्ग पर औद्योगिक थाना पुलिस को विशेष पहरेदारी में झोंका गया है ताकि लूट और छिनतई का खतरा टाला जा सके। पुल बंद होने के बाद मीराचक और बियाडा जैसे संवेदनशील रास्तों पर वाहनों का नया दबाव पैदा हो चुका है। पुलिस का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसी भी मुसाफिर के साथ रास्ते में कोई अप्रिय वारदात या मारपीट न होने पाए।
नवगछिया में ऑटोमैटिक हथियारों का साया: विक्रमशिला सेतु बंद रहने के दौरान उत्तरी छोर की सुरक्षा का जिम्मा संभालते हुए नवगछिया एसपी वैभव शर्मा ने गंगा घाट से मुख्य एनएच तक सुरक्षा दीवार खड़ी कर दी है। परबत्ता थाना और जाह्नवी चौक टीओपी के जवानों को चौबीसों घंटे पूरी मुस्तैदी से डटे रहने का अल्टीमेटम दिया गया है। लाठीधारी जवानों के साथ-साथ ऑटोमैटिक हथियारों से लैस सशस्त्र बल लगातार रूट पर मार्च कर रहे हैं।
संवेदनशील चौराहों पर खुफिया निगरानी: तिलकामांझी से लेकर श्मशान घाट और जीरोमाइल चौक तक असामान्य आवाजाही पर पुलिस हर पल वायरलेस और मोबाइल नेटवर्क से नजर रख रही है। विक्रमशिला सेतु बंद किए जाने के बाद शहर के अंदरूनी रूटों पर अचानक डायवर्जन लागू हो चुका है। देर रात सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित निकालने और भारी ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है।






