Betul Instagram Love Story की शुरुआत सोशल मीडिया के एक छोटे से मैसेज से हुई थी, जिसने दो अनजान चेहरों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया। उत्तराखंड की 19 वर्षीय राधिका उर्फ रिमझिम और मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के पाढर (चोबराढाना) निवासी सागर बामने की यह दास्तां किसी फिल्मी पटकथा जैसी रोमांचक है। करीब 5 महीने पहले इंस्टाग्राम पर शुरू हुई एक साधारण सी दोस्ती धीरे-धीरे गहरे प्यार में बदल गई।
1200 किमी का सफर और पहली शादी दोनों के बीच प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि राधिका ने सागर को करीब 1200 किलोमीटर दूर हरिद्वार बुला लिया। वहां से दोनों सीधे बैतूल पहुंचे और 11 मई को आर्य समाज मंदिर में कानूनी तौर पर शादी रचा ली, लेकिन उनकी मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होने वाली थीं।
पुलिस की एंट्री और कानूनी जंग Betul Instagram Love Story में नया मोड़ तब आया जब लड़की के परिजनों ने बिजनौर में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराकर उसे नाबालिग बता दिया। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस बैतूल पहुंची और दोनों को अपने साथ ले गई, जिससे दोनों प्रेमियों के बीच गहरी कानूनी जंग छिड़ गई।
कोर्ट का फैसला और परिवार की रजामंदी राधिका ने अदालत के सामने अपनी उम्र 19 वर्ष साबित करते हुए शैक्षणिक दस्तावेज पेश किए, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें साथ रहने की पूरी इजाजत दे दी। आखिरकार दोनों परिवारों ने भी हार मान ली और सोमवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ दोनों का दोबारा विवाह संपन्न कराया गया।
पिता ने बैतूल आकर किया कन्यादान इस Betul Instagram Love Story का सबसे भावुक पल वह था जब राधिका के पिता बबलू भारद्वाज और चाचा नीतू कुमार भारद्वाज खुद उत्तराखंड से बैतूल पहुंचे। उन्होंने खुद मंडप में बैठकर अपनी बेटी का कन्यादान किया और सागर के परिवार को अपनी बहू सौंपकर इस रिश्ते को सामाजिक पहचान दी।






