मानसून ने पकड़ी रफ्तार जिसके बाद उत्तर भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी और उमस से बेहाल लोगों को बहुत जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट ने चिंता में डूबे किसानों और आम जनता के चेहरों पर एक बार फिर बड़ी चमक बिखेर दी है।
मौसम तंत्र हुआ पूरी तरह सक्रिय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से उठने वाली नम हवाओं के मेल से देश के दोनों छोरों पर नए मौसमी तंत्र तेजी से सक्रिय हो गए हैं। इस बड़े बदलाव के कारण अगले तीन से चार दिनों के भीतर मानसूनी बादल पूरे वेग के साथ आगे बढ़ेंगे।
दिल्ली-यूपी में भारी बारिश का अलर्ट इस नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। स्काईमेट के अनुसार पूर्वी बिहार के ऊपर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ चुका है।
भीषण उमस से मिलेगी तत्काल राहत दिल्ली में तापमान भले ही 41 डिग्री के आसपास दर्ज किया जा रहा हो, लेकिन अत्यधिक नमी के कारण लोगों को 50 डिग्री जैसी झुलसाने वाली गर्मी का अहसास हो रहा है। समुद्री हवाओं के मैदानी इलाकों में पहुंचने से तापमान में भारी गिरावट आएगी।
धीमी चाल से बढ़ी चिंता जून के महीने में कमजोर शुरुआत के कारण उत्तर और मध्य भारत में सामान्य से 60 प्रतिशत से भी अधिक कम बारिश दर्ज की गई है। अकेले उत्तर प्रदेश में मानसूनी वर्षा का आंकड़ा सामान्य से लगभग 56 प्रतिशत तक पीछे चल रहा था।
पूर्वोत्तर भारत में रेड अलर्ट एक तरफ जहां उत्तर भारत में मानसून ने पकड़ी रफ्तार और राहत की बौछारें पड़ने वाली हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्वोत्तर राज्यों में भारी तबाही की आशंका है। मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी रखा है।






