एक अनोखा रिकॉर्ड: Aryan and Isha Sinha NEET Success की कहानी ने इस वक्त पूरे झारखंड और देश के शिक्षा जगत को हैरान कर दिया है।
रांची के होनहार लाल: खलारी के केडी रोड निवासी अजय सिन्हा के दो सगे बच्चों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में एक साथ बाजी मारकर इतिहास रच दिया है।
अंकों का शानदार खेल: इस परीक्षा में भाई आर्यन सिन्हा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 521 अंक प्राप्त किए और ऑल इंडिया रैंक 21,956 हासिल की।
बहन ने भी रचा इतिहास: वहीं उनकी सगी बहन ईशा सिन्हा ने भी पीछे न रहते हुए 491 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक 28,227 अपने नाम कर ली है।
इंजीनियरिंग में भी परचम: इस सफलता की सबसे रोमांचक बात यह है कि आर्यन ने मेडिकल परीक्षा के साथ-साथ जेईई मेन में भी 95 पर्सेंटाइल हासिल कर सबको चौंका दिया।
कोटा से पूरा हुआ सपना: दोनों होनहारों ने अपनी दसवीं तक की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी से पूरी करने के बाद राजस्थान के कोटा से अपनी तैयारी की थी।
पहले ही प्रयास में बाजी: आर्यन सिन्हा ने अपने करियर के पहले ही प्रयास में इस कठिन परीक्षा को पास किया जबकि ईशा ने दूसरे प्रयास में यह मुकाम पाया।
आगे की क्या है प्लानिंग: ईशा अब एमबीबीएस काउंसलिंग में शामिल होंगी जबकि आर्यन अभी मेडिकल और इंजीनियरिंग में से किसी एक बेहतरीन क्षेत्र को चुनने पर विचार कर रहे हैं।
माता-पिता का सीना चौड़ा: बच्चों की इस ऐतिहासिक दोहरी कामयाबी पर सीसीएल कर्मी पिता अजय सिन्हा और गृहिणी माता रूबी सिन्हा के घर बधाई देने वालों का तांता लगा है।
स्कूल प्रबंधन ने दी बधाई: डीएवी स्कूल के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने दोनों को बधाई देते हुए कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में बच्चों ने स्कूल का मान बढ़ाया है।
एक अनोखा रिकॉर्ड: Aryan and Isha Sinha NEET Success की कहानी ने इस वक्त पूरे झारखंड और देश के शिक्षा जगत को हैरान कर दिया है।
रांची के होनहार लाल: खलारी के केडी रोड निवासी अजय सिन्हा के दो सगे बच्चों ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा में एक साथ बाजी मारकर इतिहास रच दिया है।
अंकों का शानदार खेल: इस परीक्षा में भाई आर्यन सिन्हा ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 521 अंक प्राप्त किए और ऑल इंडिया रैंक 21,956 हासिल की।
बहन ने भी रचा इतिहास: वहीं उनकी सगी बहन ईशा सिन्हा ने भी पीछे न रहते हुए 491 अंकों के साथ ऑल इंडिया रैंक 28,227 अपने नाम कर ली है।
इंजीनियरिंग में भी परचम: इस सफलता की सबसे रोमांचक बात यह है कि आर्यन ने मेडिकल परीक्षा के साथ-साथ जेईई मेन में भी 95 पर्सेंटाइल हासिल कर सबको चौंका दिया।
कोटा से पूरा हुआ सपना: दोनों होनहारों ने अपनी दसवीं तक की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल खलारी से पूरी करने के बाद राजस्थान के कोटा से अपनी तैयारी की थी।
पहले ही प्रयास में बाजी: आर्यन सिन्हा ने अपने करियर के पहले ही प्रयास में इस कठिन परीक्षा को पास किया जबकि ईशा ने दूसरे प्रयास में यह मुकाम पाया।
आगे की क्या है प्लानिंग: ईशा अब एमबीबीएस काउंसलिंग में शामिल होंगी जबकि आर्यन अभी मेडिकल और इंजीनियरिंग में से किसी एक बेहतरीन क्षेत्र को चुनने पर विचार कर रहे हैं।
माता-पिता का सीना चौड़ा: बच्चों की इस ऐतिहासिक दोहरी कामयाबी पर सीसीएल कर्मी पिता अजय सिन्हा और गृहिणी माता रूबी सिन्हा के घर बधाई देने वालों का तांता लगा है।
स्कूल प्रबंधन ने दी बधाई: डीएवी स्कूल के प्राचार्य डॉ. कमलेश कुमार ने दोनों को बधाई देते हुए कहा कि बदलते शैक्षणिक परिवेश में बच्चों ने स्कूल का मान बढ़ाया है।







